gherao-should-not-be-the-raj-bhawan-but-should-be-the-homes-of-those-who-change-parties

घेराव राज भवन का नहीं, दल बदलने वालों के घरों होना चाहिए !

देश एक ऐसी व्यवस्था की तरफ़ बढ़ रहा है जिसमें सब कुछ ऑटो मोड पर होगा। धीरे-धीरे चुनी हुई सरकारों की ज़रूरत ही ख़त्म हो जाएगी।।जनता की जान की क़ीमत घटती जाएगी और ग़ुलामों की तरह बिकने को तैयार जन…