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दूसरी बार भी अंतराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार भारतीय लेखिका बानू मुश्ताक ने जीता बानू  बचपन से ही लिखने लगी थी छोटी छोटी कहानियां

बानू मुश्ताक ने दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतकर इतिहास रचा है। उनकी किताब “हार्ट लैंप” के लिए उन्हें यह सम्मान मिला है, जो कन्नड़ भाषा में लिखी गई थी और बाद में अंग्रेजी में अनुवादित हुई। बानू मुश्ताक की…