‘हरित क्रान्ति’ के हल्ले में भरपूर रासायनिक खादों, दवाओं और कीटनाशकों की दम पर होने वाली फसलों को लेकर आजकल भारी बहस-मुबाहिसा छिडा है। एक तरफ, उपभोक्ता इन फसलों के प्रति बेजार होता जा रहा है और दूसरी तरफ, किसान…
कोरोना की चपेट में आए लाखों-लाख श्रमिकों की बदहवास गांव-वापसी इशारा कर रही है कि खेती में आज भी काफी संभावनाएं है। क्या यह बात हमारे नीति-नियंता, सत्ताधारी और नौकरशाह समझ पाएंगे? क्या ‘कोरोना-बाद’ का भारत वापस कृषि-प्रधान हो सकेगा?…