वे तरह तरह के खनिजों से बने व्यक्ति थे. अपने होने की कुछ मिश्र धातुयें उन्होंने खुद बनाई थीं. जैसे प्रकृति प्रेम, पर्यावरण बेचैनी, उपभोग की अति की निरर्थकता उन्हें ‘मठी मार्क्सवादियों’ से अलग करती है. इसलिये उनकी मुख्य रुचि…