गरीबी कोई दबी-छिपी, अर्थशास्त्रियों के अबूझ आंकडों भर की बात नहीं रही है। देशभर में अचानक बेरोजगार हुए ग्रामीण मजदूरों ने कठिन हालातों में, पैदल अपने-अपने गांव-देहात लौटकर सबको गरीबी और भुखमरी के दर्शन करवा दिए थे। ऐसे में क्या…