स्वतंत्रता संग्राम सेनानी

हम चट्टानों की तरह मौन हो गये है, जहाँ सत्य की आवाज लौटकर नहीं आती

इंदौर, 16 फरवरी। देश के वरिष्ठ पत्रकार व चिंतक श्रवण गर्ग ने कहा कि अब हमने बोलना बंद कर दिया है, चुप रहना अपनी आदत बना चुके है। तीर्थस्थलों पर अब पालकी और बैसाखियां बढ़ती जा रही है। वे नहीं…