मणिपुर की घटना पर भोपाल के न्यू मार्केट में सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों एवं संगठनों का मौन विरोध प्रदर्शन

भोपाल, 21 जुलाई। मणिपुर राज्‍य में लंबे समय से जारी हिंसा, आगज़नी, लूटपाट,हत्याओं और सबसे गंभीर महिलाओं के साथ दुष्कर्मों की न रुकने वाली घटनाओं और अफसोसनाक हादसों के विरोध में सारा देश उबल रहा है। केंद्र और राज्‍य सरकारें नाकाम रही हैं। मणिपुर राज्य सरकार के खिलाफ़ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अवाम का आक्रोश चरम पर है। सारे राज्यों में मणिपुर में शांति बहाली के लिए धरने,प्रदर्शन और सदभावना बैठकों का सिलसिला जारी है।

इस कड़ी में आज भोपाल के न्यू मार्केट क्षेत्र में अनेक सामाजिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, छात्र-छात्राओं ने मौन विरोध प्रदर्शन किया। इसमें सैकड़ों लोगों ने अपने आक्रोश का इज़हार किया। न्‍यू माकेट के फुटपाथ पर कतार बद्ध नागरिकों ने बैनर और पोस्‍टर हाथ में नारों के पोस्‍टर लिये खडे थे। उनके नारे थे – मणिपुर हम सब शर्मिन्‍दा है, जागो सरकार होश में आओ, मणिपुर की आग बुझाओ, महिलाओं के साथ हिंसा बंद करो, मणिपुर में शांति लाओ, शांति लाओ, देश बचाओ, हिंसा नहीं कभी नहीं कहीं नहीं, कुकी मैतई भाई भाई, आपस में मत करो लड़ाई।

मौन प्रदर्शन में भारत ज्ञान विज्ञान समिति से जुडी आशा मिश्र, वरिष्‍ठ पत्रकार एवं गांधी भवन न्‍यास के ट्रस्‍टी राकेश दीवान, सेवानिवृत्‍त अधिकारी आर जी पांडे, जाने माने चिंतक विचारक राम प्रकाश त्रिपाठी, मशहूर लेखक और कवि राजेश जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र कोठारी, वरिष्ठ पत्रकार अरुण दीक्षित, जाने माने कवि और पत्रकार डॉ. सुधीर सक्सेना, चर्चित लेखक और उपन्यासकार पंकज सुबीर, सामाजिक कार्यकर्ता विनय द्विवेद्वी, सा‍माजिक कार्यकर्ता अंकित मिश्र, अस्मी सक्सेना, गांधी भवन के सचिव दयाराम नामदेव, न्‍यासी और लेखक अरुण डनायक,जनवादी विचारक शैलेंद्र शैली, बुजुर्ग पत्रकार और ख्याति प्राप्त लेखक विचारक लज्जा शंकर हरदेनिया, वरिष्ठ पत्रकार राकेश दीक्षित और वरिष्ठ पत्रकार सुनील गुप्ता समेत महिलाओं,छात्राओं और व्यापारीगण बड़ी संख्‍या में मौजूद थे।

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संस्‍थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मणिपुर की जनता से शांति एवं सहिष्णुता की अपील करते हुए कहा कि नागरिकों को शांति बहाली के लिए केंद्र व राज्‍य सरकार को हर संभव कदम उठाने चाहिए। 

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