साबरमती आश्रम हमारी आस्था का केंद्र हैं, इसके साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे

सेवाग्राम साबरमती संदेश यात्रा का छटवें दिन बडोदरा पड़ाव

22 अक्‍टूबर 21. साबरमती आश्रम के स्वरूप में बदलाव की कोशिश के विरोध में सेवाग्राम आश्रम (वर्धा) से साबरमती आश्रम (अहमदाबाद) तक चल रही 8 दिवसीय ‘सेवाग्राम साबरमती संदेश यात्रा’ आज छटवें दिन भरूच और बडोदरा पहुँची, जहां यात्रियों का जोरदार स्वागत हुआ।

इस मौके पर भरूंच में स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में आयेाजित वृहद सभा को सेवाग्राम साबरमती संदेश यात्रा के संयोजक संजय सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि यात्रा साबरमती आश्रम को बचाने के लिए निकली है। सरकार गाँधीजी के आश्रम के मूल्यों को बदलने के कोशिश कर रही है। हम सरकार को बताने निकले है कि ये आश्रम हमारे आस्था के केंद्र हैं, उसके साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।

सर्व सेवा संघ के अशोक भारत ने कहा कि साबरमती हमारा प्रतीक है, यहाँ से आज़ादी की लड़ाई लड़ी गई। त्याग, सादगी की प्रतिमूर्ति से ओतप्रोत साबरमती आश्रम में बड़ी-बड़ी आधुनिक बिल्डिंगें बनाकर इसके स्‍वरूप को बिगड़ना हमें मंजूर नहीं है।  

मधु बहन ने कहा कि देश की चीजें बेची जा रही है, रोजगार नहीं है, शिक्षा की व्यवस्था नहीं है, इन सब का रास्ता गांधी विचार में है, लेकिन सरकार उसे भी मिटाना चाहती है।

गांधी विचारक सवाई सिंह ने कहा कि हम देश भर में संदेश देने आए है, सरकार ने स्वावलंबन के लिए 20 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही है, लेकिन हम देख रहे है कि भूखमरी ज्यादा हुई है, महंगाई बढ़ी है। आपने कहा कि अब सरकार इतिहास को बदलने का काम करना चाहती है। हम यह नई आज़ादी की लड़ाई लड़ने आये है।

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सर्वोदय विचारक सुरेश भाई ने कहा कि हम गांधीजी की प्रेरणा और उनके दिखाए रास्ते पर चल रहे है। हमारी आस्था पर सरकार अब चोट करने निकली है। हम सरकार के इस बात से सेवाग्राम साबरमती संदेश यात्रा’ सहमत नहीं है। यात्रा का संदेश भी यही है कि सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलें और गांधीजी के आश्रमों को वैसे ही रहने दें।

राष्‍ट्रीय युवा संगठन के विश्‍वजीत भाई ने कहा कि सरकार को सदबुद्धि मिले, इसके लिए हम यात्रा पर निकले है।  आपने कहा कि यह आश्रम सरकार का नहीं है, यह गांधीजी ने समाज से राशि जुटाकर बनाया था। हम कहने आये है सरकार अब ऐसा कोई भी काम न करें, गांधीजनों की आस्था को ठेस पहुँचे।

पर्यावरणविद राजेन्द्र सिंह ने कहा कि यह सरकार सत्यमेव जयते से झूठमेव जयते में बदल दी है।  हम चाहते है कि अपने देश को सत्य तक लेकर जायें। गुजरात के धरती में सत्य की बात करने के लिए विद्यालयों में चेतना जागरण का कार्यक्रम चलाना चाहिए, विरासत को बचाने के लिए चिंतन करना चाहिए और यह कार्यक्रम सतत चलना चाहिए।

वरिष्‍ठ गांधी विचारक जगदीश भाई ने कहा कि गांधीजी हमारे दिल में बसे हुए है। साबरमती में हृदय कुंज है, गांधीजी वहां वास करते है इसलिए साबरमती का ह्रदय जब तक है कि वहां झूठ की बिल्डिंगें न खड़ी हो ।

गायत्री बहन ने कहा कि विकास के नाम पर जो लूट हो रही है वह युवा पीढ़ी के लिए भयानक डरावनी हो गई है। रास्ता तो गांधी मार्ग का ही है, तो अब गांधी पर वार कर रहे है। भरूच सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष योगेश भाई ने कहा कि हम सब गांधीजन एकजुट होकर अब साथ में आगे बढ़ेंगे। आपने यात्रियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम संघर्ष करेंगे।

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भरूच से निकल कर सेवाग्राम साबरमती संदेश यात्रा वड़ोदरा पहुँची, जहां स्थानीय नागरिकों द्वारा स्वागत किया गया और नारे लगाते हुए यात्रा सभा स्थल तक पहुँची।

बडोदरा में सभा और रैली

यहां सभा की शुरूआत करते हुए वरिष्‍ठ गांधी विचारक जगदीश भाई शाह ने कहा कि साबरमती आश्रम महात्मा गांधी ने शुरु किया था, सरकार इस ‘आइडोलॉज़ी’ को बिगाड़ने में लगी है। देश भर में यही हो रहा ‘पुराना तोड़ो नया करो।‘  जबकि गांधी का विचार सारे दुनिया में फैल गया है।

सर्व सेवा संघ से जुडी आशा बोथरा ने कहा कि यह सरकार भ्रम फैलाने का काम कर रही है, अभी गांधीजी और सावरकर की बात को लेकर विवाद उत्पन कर रहे है।  गांधीजी कितने सादगी से रहे है उनकी धारा बहती आई है उसको आप रोक नहीं सकते। सरकार के तानाशाही में आवाज लगाना ही आज सबसे बड़ी चुनौती हो गई है।

यात्रा संयोजक संजय सिंह ने कहा कि हम 12 राज्यों से 50 साथी इस यात्रा में निकले है। गांधीजी साबरमती से सेवाग्राम आये थे हम सेवाग्राम से साबरमती जा रहे है। इस देश में गाँधीजन पिछले कई सालों से शांति से गांधी का काम करते आ रहे है, लेकिन अब हम यह सत्याग्रह के दरवाजे में खड़े है। जो हथियार बापू ने हमें दिया था, आज वही हथियार के साथ हम उनके आश्रम को बचाने निकले है। सरकार अब इतिहास को तोड़ मरोड़ कर अपना इतिहास बनाना चाहती है, क्योंकि उनका कोई इतिहास तो है नहीं।  

उन्‍होंने सभी से आवाहन किया कि गाँधीजन मिलकर इसका पुरजोर विरोध करें। सभा को  वरिष्ठ गांधीवादी रजनी भाई दबे, पर्यावरणविद राजेंद्र सिंह ने भी संबेाधित किया।  

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यात्रा कल सुबह बडोदरा से निकल कर अहमदाबाद पहुंचेगी।

 

                

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