श्याम बहादुर नम्र की स्मृति में विमर्श एवं रचना पाठ 3 जनवरी को

म.प्र. उर्दू अकादमी का आयोजन

अनूपपुर, 30 दिसंबर। म.प्र.शासन संस्कृति विभाग द्वारा संचालित मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी ज़िला अनूपपुर के समन्वयक दीपक अग्रवाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी के निर्देशन और मार्गदर्शन में सिलसिला कार्यक्रम के तहत आगामी 3 जनवरी को अनूपपुर में इस अंचल के प्रख्यात शिक्षाविद् साहित्यकार श्याम बहादुर नम्र की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में दोपहर 3 बजे से शासकीय उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल चेतनानगर अनूपपुर में स्मृति प्रसंग, विमर्श और रचनापाठ का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन अनूपपुर शहडोल और उमरिया जिले का संयुक्त आयोजन है। जिसमें तीनों जिलों के प्रतिभागी रचनाकार भाग लेंगे।

कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथि के तौर पर कटनी के वरिष्ठ शायर सतीश आनंद उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में नम्र जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्य वक्ता के तौर पर शहडोल के वरिष्ठ समाजसेवी राम अवतार गुप्ता और उमरिया के वरिष्ठ साहित्यकार संतोष कुमार द्विवेदी रहेंगे। संभाग भर के सभी वरिष्ठ रचनाकार इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं जिनमें शहडोल से पूर्व अग्रणी महाविद्यालय प्राचार्य और पेंशनर क्लब के संभागीय अध्यक्ष डॉ. परमानन्द तिवारी, वरिष्ठ शायर मो. क़ासिम इलाहाबादी, बृजमोहन सराफ बशर, पंडित शंभू नाथ शुक्ला महा विश्वविद्यालयके हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. गंगाधर ढोके, अकादमी सम्मान से सम्मानित डॉ. प्रियंका त्रिपाठी, शानदार तरन्नुम और आवाज़ के जाने-माने शायर राजिंदर सिंह ‘राज’, कवयित्री श्रीमती किरण सिंह ‘शिल्पी शिरकत करेंगी।

वहीं उमरिया जिले से सुप्रसिद्ध वरिष्ठ नवगीतकार, दोहाकार डॉ. रामनिहोर तिवारी, वरिष्ठ शायर मो. नसीर अंसारी ‘नाज़ुक’, सुरीली गीतकार श्रीमती रंजना गौतम, युवा शायर कुलदीप कुमार, तन्मय मिश्रा और आयुष सोनी रचनापाठ करेंगे। अनूपपुर ज़िले से वरिष्ठ कवि गिरीश पटेल, जैतहरी के सीनियर शायर फै़य्याज़ हसन, ख्यातिलब्ध हास्य व्यंग्य कवि पवन छिब्बर, कवयित्री सुधा शर्मा एडवोकेट, अग्रणी तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव, कवयित्री आकांक्षा शुक्ला, कोतमा के शायर यासीन खान, अविनाश अग्रवाल सहित अन्य रचनाकार सम्मिलित होंगे।

उल्‍लेखनीय है कि साहित्‍यकार एवं शिक्षाविद श्‍यामबहादुर नम्र ने बुनियादी व प्राथमिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षे़त्रों के साथ-साथ विकास के तमाम मुद्दों पर जनआंदोलनों के साथ जो कार्य किये है, वे अविस्मरणीय है। शिक्षा के मुद्दे पर नम्रजी की कविताएं व लेख जनपक्षधरता के आंदोलनों को मजबूती देते हैं । 

दीपक अग्रवाल ने जिले के समस्त रचनाकारों, पत्रकारों, शिक्षकों और नागरिकों से सम्मिलित होने का अनुरोध किया है।

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