चंद्रकांत देवताले जन्मदिन प्रसंग 7 नवंबर को होगा अनेक कला विधाओं का संगम

कविताओं, वायलिन वादन, पेंटिंग और स्मृतियों का संगम होगा अनुपम आयोजन पानी का दरख़्त

इंदौर, 5 नवंबर। समकालीन हिंदी कविता के शीर्ष कवि श्री चंद्रकांत देवताले के स्मृति में उनकी कविताओं पर आधारित एक अनूठा आयोजन ‘पानी का दरख़्त’ उनके जन्मदिन सात नवम्बर को इंदौर में आयोजित होगा। आयोजन की विशेषता अनेक कला माध्यमों से एक साथ एक मंच पर कविताओं को साकार करना होगा। श्री देवताले की बिटिया अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वायलिन वादिका सुश्री अनुप्रिया देवताले की सृजनशील संकल्पना से संयोजित यह आयोजन कविता, चित्रकला एवं संगीत का त्रि-संगम होगा।

‘पानी का दरख़्त’ आयोजन सात नवंबर को शाम साढ़े छह बजे से जाल सभागृह, इंदौर में आयोजित होगा। इसमें सुश्री अनुप्रिया देवताले के वायलिन वादन के बीच संस्कृतिकर्मी श्री आलोक बाजपेयी श्री चंद्रकांत देवतालेजी की कविताओं का भावानुकूल वाचन करेंगे एवं इस प्रत्युत्पन्न भावलोक में लब्ध प्रतिष्ठित चित्रकार सीरत सक्सेना कैनवास पर लाइव चित्र बनाएंगे। श्री जीवेश आनंद ने आयोजन के लिए विशेष सांगीतिक ट्रैक्स का निर्माण किया है। आयोजन में श्री देवताले के जीवन एवं रचना संसार की अदभुत बातों को भी आयोजन में याद किया जाएगा।

ज्ञातव्य है कि 40 से अधिक देशों में प्रस्तुति दे चुकीं सुश्री अनुप्रिया देवताले ने वायलिन वादन में न सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय ख्याति और फैन फॉलोइंग अर्जित की है बल्कि वादन की सभी प्रकारों में अपनी विशिष्ट सिग्नेचर शैली विकसित की है। सुश्री देवताले का वादन भावोत्पादक और मंत्रमुग्ध करने वाला तो होता ही है उसमें नवोन्मेष भी होता है। इंदौर का नाम कला जगत में रौशन कर रहे श्री सीरज सक्सेना समकालीन कला जगत का बहुत बड़ा और प्रॉमिसिंग नाम होने के साथ देश के युवा कलाकारों के प्रेरणा स्त्रोत भी हैं। अनेक कला अनुशासनों में कमाल की अभिव्यक्ति में समर्थ श्री सीरज सक्सेना को मंच पर पेंटिंग करते देखना एक रोमांचक अनुभव होगा।

See also  साहित्‍य : अंधायुग और कविता की पुकार

पत्रकार एवं संस्कृतिकर्मी श्री आलोक बाजपेयी ने कविताओं को उनके भावों को पूरी तरह उभारते हुए पढ़ने में कमाल की महारत हासिल करते हुए अपना प्रशंसक वर्ग बनाया है। कई बार पढ़ी या सुनी हुई रचनाओं को भी श्री बाजपेयी के मुंह से सुनने में अलग ही अनुभूति होती है और नया रस मिलता है। श्री जीवेश आनंद अनेक कला विधाओं के सशक्त हस्ताक्षर हैं तथा उनके द्वारा श्री देवताले की कविताओं पर निर्मित विशिष्ट सांगीतिक ट्रैक्स आयोजन की रस रंजकता में वृद्धि करेंगे।

श्री देवताले की रचनाओं ने देश के साहित्य संसार को समृद्ध तो किया ही, इंदौर में उनसे जुड़े साहित्यकारों – प्रशंसकों की अनंत स्मृतियां हैं। ‘पानी का दरख़्त ‘ आयोजन को शहर की अनेक संस्थाओं का सहज समर्थन मिल रहा है जिनमें सूत्रधार, कला स्तंभ, मप्र साहित्य सम्मेलन की इंदौर इकाई आदि शामिल है। आयोजन समिति के श्री सत्यनारायण व्यास ने बताया कि श्री चंद्रकांत देवताले की स्मृतियों को समर्पित ये आयोजन सभी साहित्य एवं संस्कृतिप्रेमियों के लिए खुला है तथा सभी सादर आमंत्रित हैं।

Table of Contents

सागर से अंतरिक्ष तक : रक्षा विमर्श को नई दिशा देती शोधपरक कृति

भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और वैश्विक प्रतिष्ठा से जुड़ा रक्षा विमर्श केवल सैन्य शक्ति का वर्णन नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामरिक चेतना का दर्पण होता है। ऐसे समय में वरिष्ठ पत्रकार योगेश कुमार गोयल की पुस्तक ‘सागर से अंतरिक्ष तक:

Read More »

अपने जैसा ‘एआई’

‘आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस’ उर्फ ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के कसीदे बांचते हुए हम अक्सर इस मामूली सी बात को भूल जाते हैं कि ‘एआई’ आखिरकार एक व्यक्ति और समाज की तरह हमारा ही प्रतिरूप है। यानि हम उस मशीन में जैसा और जितना

Read More »

मध्यप्रदेश का बजट : ग्रीन फ्रेमवर्क का दावा, जलवायु संकट की अनदेखी

हाल के मध्यप्रदेश के बजट में तरह-तरह की लोक-लुभावन घोषणाओं के बावजूद पर्यावरण-प्रदूषण से निपटने की कोई तजबीज जाहिर नहीं हुई है। यहां तक कि पर्यावरण के लिए आवंटित राशि भी पिछले साल के मुकाबले घटा दी गई है। आखिर

Read More »