Central Govt. Funds : अबकी बार राज्यों पर वार

केंद्र सरकार ने केरल की उधार लेने की क्षमता पर अनुचित प्रतिबंध लगाकर एक ही झटके में उससे लगभग 15000 करोड़ छीन लिए है। इस कारण निकट भविष्य में केरल गंभीर वित्तीय संकट में पड़ सकता है, जिससे इसकी कई गतिविधियाँ खतरे में पड़ सकती हैं। मजे की बात यह है कि केंद्र सरकार जिस ऑफ-बजट उधारी को इसका कारण बताती है, उसका वो खुद ही पालन नहीं करती है। इस बीच, सब्सिडी देने को लेकर नव-उदारवादी अर्थशास्त्रियों की ‘चिंताओं’ के बीच विपक्ष शासित एक और राज्य, राजस्थान आगे बढ़ रहा है।
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सागर से अंतरिक्ष तक : रक्षा विमर्श को नई दिशा देती शोधपरक कृति

भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और वैश्विक प्रतिष्ठा से जुड़ा रक्षा विमर्श केवल सैन्य शक्ति का वर्णन नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामरिक चेतना का दर्पण होता है। ऐसे समय में वरिष्ठ पत्रकार योगेश कुमार गोयल की पुस्तक ‘सागर से अंतरिक्ष तक:

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अपने जैसा ‘एआई’

‘आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस’ उर्फ ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के कसीदे बांचते हुए हम अक्सर इस मामूली सी बात को भूल जाते हैं कि ‘एआई’ आखिरकार एक व्यक्ति और समाज की तरह हमारा ही प्रतिरूप है। यानि हम उस मशीन में जैसा और जितना

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मध्यप्रदेश का बजट : ग्रीन फ्रेमवर्क का दावा, जलवायु संकट की अनदेखी

हाल के मध्यप्रदेश के बजट में तरह-तरह की लोक-लुभावन घोषणाओं के बावजूद पर्यावरण-प्रदूषण से निपटने की कोई तजबीज जाहिर नहीं हुई है। यहां तक कि पर्यावरण के लिए आवंटित राशि भी पिछले साल के मुकाबले घटा दी गई है। आखिर

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