आदिवासी समाज

आदिवासियों की बदहाली के संवैधानिक गुनहगार

संविधान में आदिवासियों को मिले विशेष दर्जे को आमतौर पर अनदेखा किया जाता रहा है। मसलन – राज्यपालों को अनुसूचित क्षेत्रों में विशेषाधिकार दिए गए हैं, ताकि वे आदिवासियों की विशिष्ट जीवन पद्धतियों, खान-पान और भाषा आदि को देखते हुए…

अनंत गंगोला : अंबर की यादें और शिक्षा में रचा-बसा अंबर

समाज विज्ञानी और शिक्षा के कार्य में जुटे अंनत गंगोला का युवा बेटा अंबर पिछले दिनों इस दुनिया से अपना रिश्ता निभाकर किसी और यात्रा पर निकल गया। अंबर का जीवन खुशियां और प्रेम से भरपूर था, वहीं ऊष्मा,ऊर्जा और…

शराब से आदिवासियों का उत्‍थान : बड़े खतरे हैं इस राह में

मध्यप्रदेश हेरिटेज (पारंपरिक) शराब नीति 2022 में आदिवासियों को महुए की शराब बनाए जाने को अनुमति दी गई है। फिलहाल, महुआ से शराब बनाया जाना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डिंडोरी और आलीराजपुर में लागू होगा। जहां तक पारम्परिक शराब…

नियमों के जरिए कमजोर किया जाता, ‘पेसा’ का प्रभाव

‘पेसा कानून’ के पारित होने की करीब चौथाई सदी बीत जाने के बाद अब जाकर मध्यप्रदेश में उसे लागू करने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं। विडंबना यह है कि इन नियमों में अनेक विसंगतियां हैं। मसलन- जिस ग्रामसभा…

बंधुआ मजदूरी से मुक्‍त हुई युवती ने उजागर किया आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहा यौन शोषण और हिंसा

बड़वानी लौटकर आदिवासियों ने की शासन-प्रशासन से कार्यवाही की मांग बड़वानी । 16 वर्षीय युवती द्वारा बंधुआ मजदूरी के दौरान उसके साथ ठेकेदारों द्वारा सामूहिक बलात्कार की शिकायत से आदिवासी महिलाओं के साथ मजदूरी के दौरान होने वाली प्रताड़ना की रोंगटे खड़े…

आदिवासी संगठन के प्रयास से बंधुआ मजदूरी में फंसे 250 आदिवासियों की वापसी

महाराष्ट्र– कर्नाटक के ठेकेदार एवं फ़ैक्ट्ररी मालिकों द्वारा बंधुआ मजदूरी में धकेले जा रहे है प्रदेश के आदिवासी बड़वानी। गहराते कृषि संकट, बेरोजगारी और महंगाई के कारण अपना गुजारा करने के लिए मध्‍यप्रदेश के लगभग 250 मजदूर-आदिवासियों को जागृत आदिवासी…

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022: 24 लाख वनवासियों के सम्मानपूर्वक जीवन, विकास और पर्यावरण के लिए वनाधिकार कानून लागू हो

वन पंचायत संघर्ष मोर्चा की मतदाताओं, प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों से अपील जल, जंगल, जमीन पर स्थानीय समाज के हकों के सवाल ने उत्तराखंड राज्य को जन्म दिया था, परंतु इतने संघर्षों के पश्चात राज्य में यह हक निरंतर घटते…

वन मान्यता अधिनियम को लागू करने के लिए हर जिले में टास्कफोर्स का गठन हो

वन अधिकार कानून को लेकर एकता परिषद का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू भोपाल, 7 दिसंबर । वन मान्यता अधिनियम के लागू होने के 15 वर्षों के बाद भी वंचित आदिवासी समुदाय अपने हक और अधिकार से महरूम है। इन…

‘पेसा’ (PESA) से उलट ‘पेसा’ (PESA) के नियम

जनजातीय गौरव दिवस’ (15 नवम्बर) मध्यप्रदेश सरकार को करीब ढाई दशक पहले संसद में पारित ‘पेसा कानून’ की अब जाकर सुध आई है। पांच महीने पहले ‘पेसा’ के नियम-कानूनों का दस्तावेज तैयार करके उस पर संबंधित विभागों की राय मांगी गई,…

मंडला के निरस्त बांध को फिर बनाने में आमादा है मध्यप्रदेश सरकार

बसनिया बांध को निरस्त करने हेतु विधायक मर्सकोले ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र नर्मदा नदी पर बनने वाले छोटे बडे बांधों की श्रृखंला में मंडला के बसनिया बांध को पूर्व में निरस्‍त कर दिया गया था। लेकिन हाल ही में…