विचार

इन हिंसक भीड़ों पर नियंत्रण ज़रूरी हो गया है !

हमें भयभीत होना चाहिए कि अराजक भीड़ों के समूह अगर इसी तरह सड़कों पर प्रकट होकर आतंक मचाते रहे तो न सिर्फ़ क़ानून-व्यवस्था के लिए राष्ट्र्व्यापी संकट उत्पन्न हो जाएगा, उसमें शामिल होने वाले लोग धर्म और राष्ट्रवाद को ही…

श्रीलंका का आर्थिक संकट : उधारी में घी पीने का नतीजा

अपने हाथ से खुद की बदहाली करने का एक और उदाहरण हमारा पडौसी देश श्रीलंका है। वैसे तो पूंजी केन्द्रित मौजूदा आर्थिक ताने-बाने में कई देश, खासकर ‘तीसरी दुनिया’ कहे जाने वाले देश, लगातार बदहाली की गर्त में डूबते जा…

दंगों के बीच खरगोन में नए कैराना की तलाश ?

तमाम लोग जो खरगोन से उठ रहे धुएँ के अलग-अलग रंगों का दूर से अध्ययन कर रहे हैं उन्हें एक नया मध्य प्रदेश आकार लेता नज़र आ रहा है। एक ऐसा मध्य प्रदेश जिसकी अब तक की जानी-पहचानी भाषा और…

शिक्षा की बेहतरी के लिए हाथ, दिमाग, दिल मिलकर कार्य करें

हमारा शिक्षा तंत्र बुनियादी समझ विकसित करने में जितना विफल रहा है उतना ही विफल आर्थिक एवं अन्य उद्देश्यों को पूरा करने में भी रहा है। युवाओं में बेरोजगारी एवं अल्प रोजगार दर बढ़ाने में इस तंत्र की मुख्य भूमिका…

राजनीतिक परिदृश्य में डाक्टर भीमराव अंबेडकर

भारत के राजनीतिक पटल पर डॉ. अंबेडकर का आगमन जाति प्रथा के खिलाफ संघर्ष से आरंभ हुआ और गोलमेज कांफ्रेंस से लेकर ‘पूना पेक्ट,’ महात्मा गांधी से विरोध और संविधान निर्माण तक व्यापक रहा। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अहिंसक आंदोलनों…

समाज : दंगों की दास्तान

जातियों, धर्मों, लिंगों और वर्गों में विभाजित हमारे समाज में क्या दंगे यूं ही, बे-वजह या तात्कालिक वजहों से हो जाते हैं? या फिर कईयों के सतत प्रयासों, कारनामों से इन्हें अंजाम दिया जाता है? क्या आपस की मारामार में…

‘कश्मीर फाईल्स’ और भारतीय सिनेमा

भरपूर मुनाफे के साथ-साथ देशभर में बवाल काट रही फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ ने हमारे सिनेमा को भी एक खास मुकाम तक पहुंचा दिया है। कल तक, जहां इस तरह की लगभग हरेक फिल्म में, भले ही कहने भर को, किसी…

ये विभाजन की विभीषिका के ‘क्लाशनिकोव’ क्षण हैं !

डर अब ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ देखने को लेकर नहीं बल्कि इस बात पर सोचने से ज़्यादा लग रहा है कि अब अगर विभाजन की ‘वास्तविकता’ पर फ़िल्में बनाईं गईं तो वे कैसी होंगी? क्या विभाजन की त्रासदी पर ( ‘तमस’…

मध्यप्रदेश : बच्चों के लिए बजट

आजकल सरकारों के सालाना बजट में तरह-तरह के प्रयोग होने लगे हैं। हाल में विधानसभा में प्रस्तुत किए गए मध्‍यप्रदेश के बजट में ‘चाइल्ड बजट’ उसी तरह का एक प्रयोग है। इसे राज्य के अनेक विभागों को आवंटित राशि में…

‘द कश्मीर फाइल्स’ : कितनी फाइलें खोलेंगे आप ?

हर इतिहास के काले व सफेद पन्ने होते हैं, कुछ भूरे व मटमैले भी. वे सब हमारे ही होते हैं. कितनी फाइलें खोलेंगे आप ? दलितों-आदिवासियों पर किए गए बर्बर हमलों की फाइलें खोलेंगे ? आप थक जाएंगे इतनी फाइलें…