विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में सुश्री ज्योति बहन सभी के उदय का जिस शब्द में समावेश है वह सर्वोदय है। किसी भी समाज के विकास में वैचारिक स्वातंत्र्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।…
16 अगस्त को ‘जनता पार्लियामेंट’ वेबिनार में स्वास्थ्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जन स्वास्थ्य अभियान राष्ट्रीय सचिवालय और जन सरोकार के तत्वावधान में 16 अगस्त को ‘जनता पार्लियामेंट’ (जनता संसद) वेबिनार के दौरान स्वास्थ्य के विभिन्न गंभीर मुद्दों और…
15 अगस्त को विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में मोहनभाई हीराबाई हीरालाल आज हम जिसे स्वराज समझते हैं, वह स्वराज नहीं है। स्वराज के लिए निर्णय प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। बहुमत से होने वाला निर्णय का स्वराज से विरोध है। अहिंसा…
14 अगस्त को विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में डॉ.पुष्पेंद्र दुबे समाज में अशांति का कारण श्रम को टालना है। विषमता का मूल कारण यही है। विज्ञान के साधन इसे दूर करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। गलत आर्थिक…
13 अगस्त को विनोबा विचार प्रवाह की अंतर्राष्ट्रीय संगीति में डॉ. उल्हास जाजू विनोबा जी ने स्वराज्य के कंधे पर बैठकर सर्वोदय विचार की आराधना की। उन्होंने गांधी युग की अहिंसा के नकारात्मक भाव को अपने रचनात्मक कार्यों से विधायक…
केंद्र सरकार ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को मजबूती प्रदान करने के लिए ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में संशोधन कर दिया है, यह देश भर के सभी पत्रकारोंके लिए लागू हो गया है, दरअसल केंद्र सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के…
12 अगस्त को विनोबा विचार प्रवाह की अंतर्राष्ट्रीय संगीति में विदुषी उषा बहन श्रीमद्भवद्गीता असांप्रदायिक ग्रंथ है। इस ग्रंथ में कहीं पर भी विचारों का आक्रमण नहीं किया गया है। यह ग्रंथ भारत ही नहीं दुनिया के चिंतकों में लोकप्रिय…
विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह की अंतर्राष्ट्रीय संगीति भारत को एक करने का श्रेय यहां के संतों को है। उन्होंने पूरे देश में घूमकर सद्विचारों में इसे बांध दिया है। भारत में अखंड आध्यात्मिक विचार संपदा…
गंगा नदी की आजादी और निर्मलता-अविरलता के लिए 10 अगस्त 2020 को ‘गंगा सत्याग्रह’ में देश के 108 से ज्यादा स्थानों पर स्वामी सानंद और स्वामी शिवानंद के आमरण अनशन के समर्थन में उपवास कार्यक्रम शुरू हुआ है। उल्लेखनीय है…
विनोबा विचार प्रवाह में पवनार आश्रम की सुश्री कालिंदी बहन ने कहा आज विज्ञान से मनुष्य समाज भयभीत है। विज्ञान आक्रमण कर रहा है। दूसरी ओर राजनीतिक चिंतन संकुचितता को बढ़ावा दे रहा है। इसमें सांप्रदायिकता भी अपना योगदान दे…