डॉ. सन्तोष पाटीदार

रासायनिक, जैविक और प्राकृतिक खेती : क्या करे किसान?

‘हरित क्रान्ति’ के हल्ले में भरपूर रासायनिक खादों, दवाओं और कीटनाशकों की दम पर होने वाली फसलों को लेकर आजकल भारी बहस-मुबाहिसा छिडा है। एक तरफ, उपभोक्ता इन फसलों के प्रति बेजार होता जा रहा है और दूसरी तरफ, किसान…

कौन सीखना चाहता है, महामारियों से?

कोरोना वायरस ने और कुछ किया हो, ना किया हो, उसने हमें पर्यावरण के लगातार बदहाल होते जाने की चेतावनी जरूर दे दी है। क्या इस चेतावनी से हमारी दुनिया कुछ सीख पाएगी? मौजूदा हालातों से तो ऐसा कतई नहीं…

आफत में सरकार , किसान संघ का आसरा

किसान संघ की बेंगलुरू की चिंतन बैठक में दिल्ली में हो रहे किसान आंदोलन को लेकर चिंता व विचार मंथन होना ही था। बैठक का मुख्य मुद्दा भी यही था। क्योंकि अपने अनुषांगिक संघठन भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार…

खेती को मुख्‍यधारा में लाता आंदोलन

दिल्‍ली की चौहद्दी पर पिछले करीब 21-22 दिनों से जारी किसान आंदोलन ने खेती-किसानी को कम-से-कम बहस के लायक तो बना ही दिया है। इस लिहाज से देखें तो पिछले तीन-साढे तीन सप्‍ताह देशभर के लिए कृषि-प्रशिक्षण का बेहतरीन मौका…

शिप्रा से गंगा तक पवित्र जल आचमन योग्य भी नहीं

कहा जा रहा है कि गंगा के पानी में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। सवाल यह है कि अरबों रुपये खर्च होने के बाद भी गंगा का पानी पीने लायक क्यों नहीं है ? चाहे उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री को…

किसान आंदोलन : किसानों व सरकार में तकरार …. आर या पार

खेती किसानी में क्रांतिकारी बदलाव लाने की उम्मीद में दम-खम लगाते करीब 3 दर्जन किसानी संगठन व केन्द्र सरकार दोनो खेती कानूनों को लेकर बुने गए अपने – अपने चक्रव्यूह से किसी तरह बाहर आने के लिए छटपटा रही है।…

क्‍या दस बरस पूर्व की गई एमएसपी से जुड़ी अपनी सिफारिशों को लागू करेंगे प्रधानमंत्री ?

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का विरोध, फायदे की उस खेती की संजीवनी बूटी या पारस पत्थर के इर्द गिर्द सिमट गया है जिसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी ) कहा जाता है। यह कुछ फसलों पर ही लागू है…

किसान हितैषी नये कृषि कानून के बाद भी देशभर के किसानों में हताश

निमाड़ में कपास खरीदी की हकीकत को उजागर करती एक रिपोर्ट उत्तर भारत के आंदोलनरत किसान कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना दिल्ली में ठीक उसी तरह मुस्तेद है, जैसे घुप्प अंधेरे की कडकड़ाती ठंड भरी रातों में सिंचाई…