संजय सिंह

अर्थनीति का नया छलावा : स्वदेशी की ओट में पूँजी का खेल

देश में जीएसटी घटाने की चर्चा “स्वदेशी” के नाम पर हो रही है, पर असल में यह कदम गरीबों पर पड़े कर के बोझ को घटाने की बजाय बड़े पूँजीपतियों को राहत देने जैसा है। स्वदेशी का अर्थ आत्मनिर्भरता, समानता…

जुबीन गर्ग : समय को साधता जुबीन का संगीत

कुछ दिन पहले गुवाहाटी में गायक, संगीतकार जुबीन गर्ग की अंतिम यात्रा में उमड़े लाखों लोगों ने साबित कर दिया है कि कलाएं यदि ईमानदार, जनपक्षीय और सहज हों तो कैसा चमत्कार हो सकता है? यह चमत्कार हमें भूपेन हजारिका,…

सिर्फ रौंदने के लिए नहीं है – घास

दिन-प्रतिदिन घास पर संकट और गहराता जा रहा है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं पशु जगत। मनुष्य जगत भी अब प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होने लगा है। खाद्य सुरक्षा के लिए भी घास का जीवित रहना तथा खाद्य-श्रंखला…