रोजमर्रा के भोजन में आमतौर पर कम हैसियत रखने वाली बाजार-हितैषी सोयाबीन के किसानों पर आजकल भारी संकट तारी है। लागत, मेहनत और परिवहन-भंडारण की उन्हें इतनी कम कीमत मिल रही है कि वे दूसरी कतिपय फसलों की तरह सोयाबीन…
आजादी के पचहत्तार साल में वन अधिकार पर अब जाकर कुछ बातें हो रही हैं और परंपरागत वनवासियों को कहीं-कहीं पट्टे दिए भी जा रहे हैं, लेकिन कुछ आदिवासी इलाके ऐसे हैं जहां जंगल को बचाने का विवेक और तकनीक…