Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2026

पश्चिम-एशिया में युद्ध : संकट में ऊर्जा

पश्चिम एशिया में मची भारी उठा-पटक ने कई मानवीय त्रासदियों के साथ ऊर्जा संकट को भी गहरा दिया है। भारत जैसे, अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए करीब 90 फीसद आयात पर निर्भर देश इस मारा-मार में भारी कठिनाइयों का सामना…

समान भारत की मांग बुलंद, भगत सिंह शहादत दिवस पर देशव्यापी प्रदर्शन

नईदिल्‍ली। 23 मार्च (भगत सिंह के शहादत दिवस) से 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती) तक चलने वाले असमानता विरोधी अभियान की शुरुआत देश के विभिन्न हिस्सों में जन-कार्रवाइयों के साथ हुई। विभिन्न संगठनों द्वारा शुरू किए गए इन कार्यक्रमों में संपत्ति…

डॉ. रनसिंह परमार : भाईजी और राजाजी के ‘प्रथम सत्याग्रही’

‘एकता परिषद’ के अध्यक्ष डॉ. रनसिंह परमार का यूं अचानक हम सबसे सदा के लिए विदा होना, हालांकि एक बार फिर जीवन की क्षणभंगुरता को ही उजागर करता है, लेकिन थोड़े धीरज से देखें तो उनकी कमी कई जगहों पर,…

निर्वासन में नेतृत्व : दलाई लामा का अद्वितीय संघर्ष

पूर्वोत्तर तिब्बत के एक छोटे से घर से शुरू हुई ल्हामो थोंडुप की यात्रा 14वें दलाई लामा के रूप में विश्वव्यापी करुणा और शांति के संदेश तक पहुंचती है। निर्वासन, राजनीतिक संघर्ष और सांस्कृतिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अहिंसा, लोकतंत्र…

भगत सिंह और लोहिया : शहादत की विरासत और राजनीतिक विडंबना

23 मार्च केवल शहादत का दिन नहीं, बल्कि विचारों और संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की कुर्बानी तथा डॉ. राममनोहर लोहिया की समाजवादी दृष्टि हमें समानता, न्याय और धर्मनिरपेक्षता के…

जल की उपलब्धता और शुद्धता का संकट

भारत में जल संसाधनों का असमान वितरण और तेजी से गिरता भूजल स्तर एक गंभीर संकट का संकेत है। बढ़ती खपत, प्रदूषण और कमजोर प्रबंधन के कारण स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। यदि समय रहते संरक्षण, पुनर्भरण और प्रभावी…

अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस : क्या भारत की अपेक्षा अमेरिकी जनता अधिक खुश है ?

भूटान की “सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता” की अवधारणा से प्रेरित अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (20 मार्च) आज विकास की नई परिभाषा प्रस्तुत करता है। आय से आगे बढ़कर जीवन की गुणवत्ता, सामाजिक संबंध और मानसिक संतोष को महत्व देने वाली यह सोच,…

विनोबा परंपरा के अग्रणी कर्मयोगी बालविजयजी के निधन से खादी आंदोलन को अपूरणीय क्षति, गांधी संस्थाओं ने दी श्रद्धांजलि

वर्धा, 19 मार्च। प्रख्यात गांधीवादी चिंतक, खादी सेवक और विनोबा परंपरा के अग्रणी कर्मयोगी आचार्य श्री बालविजयजी (100 वर्ष) के निधन पर देशभर की गांधीवादी संस्थाओं और प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं। सर्वोदय आंदोलन…

सामयिक : अपने-अपने ‘एपस्टीन’

इस साल की शुरुआत में उछली ‘ज्येफ्री एपस्टीन फाइल्स’ ने साबित कर दिया है कि असीमत पूंजी इंसान की अंतर्निहित गंदगी को कई-कई गुना बढ़ाती, उजागर करती है। कहा जा रहा है कि खाड़ी देशों में जारी उठा-पटक और दुनिया…

खादी जगत के वरिष्ठ गांधीवादी श्री बालविजयजी का निधन, अंतिम संस्कार आज शाम को पवनार में

डॉ. पुष्‍पेंद्र दुबे वर्धा/पवनार, 18 मार्च। प्रख्यात गांधीवादी चिंतक, खादी सेवक और विनोबा परंपरा के अग्रणी कर्मयोगी आचार्य श्री बालविजयजी (100 वर्ष) का आज दोपहर 12:30 बजे निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज सायं 5:00 बजे परमधाम मुद्रणालय, पवनार…