28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 1600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और हजारों घायल हुए। इसके बाद 7.0 तीव्रता के एक और झटके ने हालात और…
बागमती नदी नेपाल के तराई क्षेत्र से निकलकर दक्षिण-मध्य नेपाल और उत्तरी बिहार राज्य, पूर्वोत्तर भारत में बहती है। सीतामढ़ी जिले में बागमती नदी पर दो नए बराज बनाए जाएंगे। ये बराज ढेंग और कटौंझा के पास बनाए जाएंगे। इन…
संवाद के लिए बनी भाषा आजकल फिरकापरस्ती की दुनाली बनती जा रही है। सत्ता पर विराजी भाजपा अपनी एक-आयामी नजर से खुद को छोड़कर बाकी सबको खारिज करने में लगी है। उर्दू को एक धर्म-विशेष की भाषा करार देना इसी…
नई दिल्ली, 28 मार्च। वरिष्ठ पत्रकार और जनसत्ता के पूर्व संपादक श्री ओम थानवी को नई दुनिया फाउंडेशन का प्रभाष जोशी की स्मृति में स्थापित पहला ‘प्रभाष जोशी-नई दुनिया मीडिया फॉर यूनिटी अवार्ड 2025 से सम्मानित किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित…
विश्व रंगमंच दिवस पर इंदौर में इप्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रसन्ना ने कहा इंदौर, 27 मार्च। प्राणी जगत में इंसान ही एकमात्र ऐसा जीव है, जो कई भूमिकाओं में रहता है। समय पर व्यक्ति को अपनी अभिनय की भूमिका से…
वन और वन्यप्राणियों से लेकर अपने समय और समाज को हथेली पर बांचने वाली ‘घुमंतू और विमुक्त’ महिलाऐं, अपने घर-परिवारों के साथ अक्सर रास्तों के किनारे अस्थायी बस्तियों में दिखाई दे जाती हैं। सहज, नैसर्गिक जीवन के अभावों से जूझती…
नई दिल्ली, 27 मार्च। केंद्र सरकार की चुप्पी के चलते देशभर में लाखों आदिवासी और वनवासी समुदायों पर बेदखली का खतरा मंडरा रहा है। देश के सौ से अधिक जन संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपना संवैधानिक कर्तव्य…
ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल के साहित्य में सामाजिक-राजनीतिक संघर्षों की अनुपस्थिति को लेकर बहस छिड़ी है। यह बहस साहित्यकार की सामाजिक जिम्मेदारी और उसकी व्यक्तिगत रचनात्मक स्वतंत्रता के बीच संतुलन का सवाल उठाती है। सवाल है क्या हर…
रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और संवेदना का जीवंत प्रतिबिंब है। विश्व रंगमंच दिवस (27 मार्च), जिसे 1961 में इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट ने स्थापित किया, रंगमंच की गरिमा, प्रभाव और उसकी वैश्विक भूमिका को रेखांकित करने…
कुमार कृष्णन सितंबर 2024 के आखिरी दिनों में नेपाल और बिहार के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद कोसी क्षेत्र में दशकों बाद आई विनाशकारी बाढ़ के लोंगों की ज़िन्दगी को तहस नहस कर डाला। इस बार तटबंध और…