अपने समाज और सरकार की बदहाली की एक बानगी उज्जैन की क्षिप्रा नदी में लगातार बनी रहने वाली गंदगी भी है, उस क्षिप्रा की जिसके तट पर हर 12 साल में हिन्दुओं का सबसे बड़ा मेला महाकुंभ लगता है। इसे…
मौजूदा विकास की अवधारणा के चलते दुनियाभर में प्रतिरोध हो रहे हैं। हाल में मध्य अमेरिकी देश पनामा Panama में तांबे की खदान के विरोध में आम लोगों ने प्रदर्शन किया और सुप्रीम कोर्ट तथा राष्ट्रपति को अपनी बात समझा…
फ़िल्मों में प्रदर्शित की जानी वाली अतिरंजित हिंसा और सड़कों पर व्यक्त होने वाली असली सांप्रदायिक हिंसा से फ़िल्म उद्योग, सेंसर बोर्ड,राजनीति, धर्म और समाज किसी को कोई परेशानी नहीं है। सत्ताधीशों के लिए जिस तरह से धर्म पैंतीस पार…
आईये नये साल का स्वागत नये संकल्पों के साथ करने की योजना बनाए। क्योंकि कोई भी नया संकल्प लेने से पहले सबसे जरूरी है कि हम अपने अंदर की कमजोरियों, अपने गुणों-अवगुणों को पहचानकर इनकी समीक्षा करें और अपनी गलतियों,…