पत्रकारिता और मीडिया को गड्डमड्ड करना और एक ही समझना ठीक नहीं है| आधी सदी पहले वे दोनों एक सरीखे ही रहे हों, पर आज नहीं हैं। देश के मीडिया के बड़े हिस्से पर कारपोरेट सेक्टर का कब्जा है। आज…
जंगलों के विनाश से बाघों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है और यह प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है। इसलिए बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता हेतु ‘विश्व बाघ दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 2010 में रूस के…