अहिंसक, शांतिपूर्ण और अब तक राजनीतिक दलों से परहेज करने वाले किसान आंदोलन का विकल्प-हीनता की मजबूरी में पनपा यह राजनीति-प्रेम उसे कहां ले जाएगा? कहने को भले ही किसान आंदोलन ‘किसी पार्टी विशेष की वकालत’ न करते हुए भाजपा…
हम अन्य मुल्कों में लोकतंत्र पर होने वाले प्रहारों, बढ़ते अधिनायकवाद और विपक्ष की आवाज़ को दबाने वाली घटनाओं पर इरादतन चुप रहना चाहते हैं। ऐसा इसलिए कि जब इसी तरह की घटनाएँ हमारे यहाँ हों तो हमें भी किसी…