देशभर के राजनेता अपने-अपने राज्यों को पंजाब, हरियाणा बनाने के मंसूबे बांधते रहते हैं, लेकिन क्या आज का पंजाब अनुसरण लायक बचा है? साठ के दशक की भारी-भरकम लाभ-लागत वाली ‘हरित-क्रांति’ ने क्या पंजाब को अनुकरणीय उदाहरण की तरह बचने…
सर्कस के लिए ‘घोडों के’ जिस ‘चलते-फिरते घेरे’ की बात की गई है उसमें मनोरंजन होना एक जरूरी शर्त है। ध्यान से देखें तो सबसे बडे और पुराने, दोनों छोरों पर लोकतंत्र यही करता दिखाई देता है। चुनावों को अपनी…