Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

राजनीति

यात्रा ने राहुल को चतुर और कांग्रेस को भय-मुक्त बना दिया !

देश-हित में राहुल की यात्रा का योगदान यह माना जा सकता है कि नागरिक सत्तारूढ़ दल और उसके आनुषंगिक संगठनों के उग्रवादी कार्यकर्ताओं से कम डरने लगेंगे। गौर किया जा सकता है कि सांप्रदायिक विद्वेष की घटनाओं में कमी दिखाई…

भारत जोड़ो यात्रा : राहुल गांधी सरकार के ख़िलाफ़ जन-आंदोलन खड़ा करेंगे ?

इस बात से संदेह दूर हो जाना चाहिए कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के ज़रिए राहुल ने 137-वर्षीय पुरानी कांग्रेस को अब अपने अस्तित्व के लिए पूरी तरह से अपने ऊपर निर्भर कर दिया है। वे कांग्रेस के नरेन्द्र मोदी बन…

खेती-किसानी छोड़ आंदोलन की तैयारी में भाजपा के किसान

पिछले साल राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर सालभर से ज्यादा धरना-रत रहे किसानों ने सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में अब एक फिर आंदोलन का मन बनाया है। इसमें सत्तारूढ़ ‘भाजपा’ से जुडे ‘भारतीय किसान संघ’ ने अगुआई का तय…

आजादी का अमृत महोत्‍सव : भगवा-भय और तिरंगी यादें

अगस्त 1942 से अगस्त 1947 के बीच का करीब पांच साल का दौर हमारे इतिहास का बेहद अहम हिस्सा रहा है। नौ अगस्त 1942 को ‘भारत छोडो’ आंदोलन से लेकर 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने तक भारत समेत दुनियाभर…

हर घर तिरंगा : तिरंगी कहानी

चीन के माओ-त्से-तुंग कुछ-कुछ अंतराल से अपनी विशाल आबादी को व्यस्त रखने की खातिर कोई-न-कोई मुहीम छेडते रहते थे और जनता उसमें पूरे मनोयोग से लग जाती थी। उनकी यह कारगर शासन-पद्धति थी। हमारे यहां भी कुछ ऐसा ही दौर…

श्रीलंका : सत्ताओं की सियासत

पडौसी श्रीलंका की मौजूदा उठा-पटक में वहां के भगोडे राष्ट्रपति नंदसेना गोटाबाया राजपक्षे को संकट में मिली मदद ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सत्ताएं एक-दूसरे की मददगार होती हैं और वे सब अंतत: जनता की मुखालिफत…

राजनीति : धर्मनिरपेक्षता को लेकर कांग्रेस की उहापोह

पिछले करीब तीन दशकों से भाजपा एक दृढ लक्ष्य के साथ राजनीतिक अखाड़े में अपने आप को मजबूत बनाती चली जा रही है| सही है कि बाकी विपक्ष और कांग्रेस भाजपा की नीतियों के खिलाफ स्वयं को व्यक्त करते रहे…

भंवरलाल और कन्हैयालाल एक ही इंसान के दो नाम हैं !

भंवरलाल और कन्हैयालाल की हत्याओं को सत्ता की राजनीति के लिए धार्मिक उन्माद का शोषण करने की बेलगाम प्रवृत्ति की हिंसक परिणति के रूप में भी देखा जा सकता है। नूपुर शर्मा की टिप्पणियाँ भी हरिद्वार जैसे धार्मिक जमावड़ों और…

महाराष्ट्र : दलबदल कानून और उप-सभापति की भूमिका

यह सही है कि दलबदल कानून दलबदल को कुछ हद तक नियंत्रित करता है। यह किसी पार्टी के विभाजन को मान्यता नहीं देता है। लेकिन यह विलय को मान्यता देता है। ऐसे समय विधानसभा के सभापति की भूमिका महत्वपूर्ण होती…

महाराष्ट्र : मौजूदा राजनीतिक संकट और दलबदल विरोधी कानून

महाराष्ट्र में शिव सैनिकों के दलबदल की घटनाओं ने एक बार पुनः दलबदल कानून और उसके प्रावधानों की ओर आम जनता का ध्यान आकर्षित किया है। वे यह जानना चाहते हैं कि यह कानून इस मामले में कितना प्रभावी होगा।…