समसामयिक

खेती किसानी : क्या सचमुच मिलेट के दिन फिरेंगे ?

मिलेट जैसे ज्वार बाजरा आदि के दाने बहुत छोटे आकार के होते है। इसके उलट अनाज मसलन गेहूं, चावल, मक्का आदि के दाने बड़े आकार के होते है। दोनों में यह मूलभूत अंतर है। मिलेट को फिर से मुख्य धारा…

‘यंगशाला कल्चरल वॉक’ : विभिन्न धर्मों की समझ विकसित करने की पहल

भोपाल में युवाओं के एक लोकप्रिय ‘अड्डे’ की हैसियत पा चुकी ‘यंगशाला’ उनमें विभिन्न धर्मों की समझ विकसित करने की जरूरी पहल कर रही है। इसमें युवाओं को तरह-तरह के धार्मिक स्थलों की यात्रा के अलावा, संभव हो तो उन…

दशक का सबसे क्रूर बजट | हमारा पैसा हमारा हिसाब

जब देश के ज्यादातर लोगों को सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है, सरकार ने उन्हें छोड़ दिया है। लगभग सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं में कटौती और कुछ प्रमुख क्षेत्रों में आवंटन कम करके सरकार ने अपने ही लोगों पर घातक…

डॉ. एस. एन. सुब्बराव : विराट व्‍यक्तित्‍व के धनी

7 फरवरी : भाईजी के जन्‍मदिवस पर विशेष रमेश चंद शर्मा शब्द, बोल, विचार, सर्व धर्म प्रार्थना, गीत संगीत, अच्छे कर्म, साधना, मौन, श्रम कभी मरते नहीं हैं। कभी विविध कारण से धुंधले या मंद पड़ सकते है मगर जिंदा…

असमानता की ‘ऑक्सफैम’ रिपोर्ट : अमीरों पर आरोपित हों भारी टैक्स

बेशर्मी से केन्द्रित होती पूंजी और व्यापक रूप से फलती-फूलती गरीबी ने हमारे यहां जिस तरह की अश्लील गैर-बराबरी को खडा कर दिया है उससे निपटने की तजबीज आखिर कौन देगा? ‘ऑक्सफैम’ सरीखे वैश्विक एनजीओ मानते हैं कि अकूत सम्पत्ति…

जोशीमठ त्रासदी : जाग सके तो जाग

विकास के नाम पर आजकल जिस तरह के धतकरम जारी हैं उनसे चहुंदिस बर्बादी और विनाश ही उपजता दिखाई दे रहा है। इन दिनों उत्तराखंड का ऐतिहासिक नगर जोशीमठ इसी विकास की चपेट में कराह रहा है। ऐसे में क्या…

जी-20 का भोपाल-जमावडा : मिलजुलकर मिटाएं बदहाली

आपसी व्यापार-धंधे के चलते दुनियाभर के देशों ने तरह-तरह के समूह बनाए हैं। इन समूहों में कई बार गरीबी, प्रदूषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि को लेकर बातचीत और उन्हें बेहतर करने की पहल होती रहती है। इन दिनों जी-20 समूह के…

सिनेमा : ‘पठान’ पर उठते प्रश्न

इन दिनों शाहरुख खान-दीपिका पदुकोण की फिल्म ‘पठान,’ हीरोइन द्वारा पहनी गई बिकिनी के भगवा रंग के कारण बवाल में है, लेकिन क्या यह केवल किसी खास रंग के मामूली बित्तेभर कपडे भर की बात है? क्या इस फिल्म ने…

मध्यकालीन इतिहास में मोहब्बत के संदेश

जातियों और धर्मों में विभाजित हमारे समाज का एक बडा संकट, एक-दूसरे की अज्ञानता से उपजी हिंसक असहमतियां भी हैं। कतिपय राजनीतिक जमातें इसी अज्ञानता का लाभ लेकर लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ भडकाती रहती हैं। मसलन – मध्यकालीन इतिहास…

अन्तर्राष्ट्रीय बाल अधिकार समझौता : बच्चों की बेहतरी का एक समझौता

पिछले कुछ दशकों से बच्चों के हित में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक समझौते होते रहे हैं, लेकिन, ऐसे कई समझौतों की तरह उनका भी पालन नहीं हुआ है। करीब 33 साल पहले हुआ ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल अधिकार समझौता’ ऐसा ही…