स्वच्छता : गांव तक पहुंचा, कचरे का कहर
कहा जाता है कि शहरी लोग कचरे का सर्वाधिक विसर्जन करते हैं, लेकिन अब यह व्याधि गांवों तक भी पहुंच गई है। देश में प्रतिदिन 28 करोड टन ठोस कचरा पैदा हो रहा है जिसमें से 10.95 करोड टन ग्रामीण…
महिला दिवस पर विशेष: 21 लाख महिलाओं का संगठन है ‘सेवा’
कलीम सिद्दीकी गांधी जी के ग्रामीण सपने को साकार करती सेवा में पिछले 50 वर्षों में कुल 18 राज्यों में 21 लाख महिलाएं सक्रिय हैं छह फरवरी 2023 को अहमदाबाद स्थित देश के पहले स्वयं सहायाता समूह सेवा (सेल्फ एंप्लाइड…
महिला दिवस : समाज में स्त्रियों की अ-दृश्य भूमिका
शंपा शाह ऐसे समय में जब देश के अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत करीब 94 फीसदी महिलाओं के आर्थिक योगदान को नकारा जाता हो, ‘सकल घरेलू उत्पाद’ यानि जीडीपी में उनकी भूमिका अनदेखी की जाती हो या उनके काम को कम…
घोटालों की जांच: एक फ्लॉप शो हमारा पैसा हमारा हिसाब
क्या आप जानते हैं कि हर्षद मेहता केस अब भी अदालत में चल रहा है? सत्यम घोटाले और एनएसई को-लोकेशन घोटाले के आरोपियों ने हाल ही में सेबी के खिलाफ कानूनी लड़ाई जीत ली है? केतन पारेख घोटाले में अडानी…
नमामि गंगे परियोजना : नौ दिन चले अढ़ाई कोस
नदियों को अहर्निश मां, पुण्य-सलिला, जीवन-दायिनी आदि का दर्जा देते रहने वाला समाज और उसके वोट से बनी सरकारें नदियों के साथ क्या और कैसा व्यवहार करते हैं, इसे जानने के लिए गंगा की बानगी काफी है। हजारों करोड रुपयों…
बुनियादी कार्यक्रम के लिए युवाओं को शांति की शक्ति व क्रांति की ऊर्जा की जरूरत
गांधी के बुनियादी कार्यक्रम पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न नईदिल्ली । हरिजन सेवक संघ एवं गांधीयन सोसायटी, न्यूजर्सी अमेरिका द्वारा बुनियादी कार्यक्रम पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 25 और 26 फरवरी 2023 को गांधी आश्रम हरिजन सेवक…
अडानी के शेयर गिरने का सच | हमारा पैसा हमारा हिसाब
हिंडनबर्ग रिपोर्ट और अडानी के शेयरों का गिरना, एक कहीं गहरे संकट की निशानी है। और इसका असर शेयर बाजार में हुए नुकसान से कहीं ज्यादा गंभीर है। सारे ही देश को एक आत्म-विश्लेषण की जरूरत है, क्योंकि इस संकट…
विचार : समाज से पहचान के लिए पदयात्रा
पिछले महीने समाप्त हुई राहुल गांधी की ‘कन्याकुमारी से कश्मीर’ की पदयात्रा के कई निहितार्थ हैं और ये निहितार्थ मंहगाई, बेरोजगारी, पूंजी के केंद्रीकरण, भय, कट्टरता और नफरत की राजनीति के खिलाफ कहे गए घोषित उद्देश्यों के अलावा हैं। क्या…
रामनगरी ओरछा : अविरल बहती बापू की विचारधारा
प्रतिभा चतुर्वेदी पुण्यभूमि राम नगरी भगवान राम के कारण जानी जाती है तो वही उसी धरती पर प्रवाहित पवित्र नदी बेतवा के कंचन-घाट को बापू के अस्थि-विसर्जन के लिए भी जाना जाता है। 12 फरवरी सन 1948 को गांधीजी की अस्थियों का विसर्जन देश के विभिन्न…
खेती किसानी : क्या सचमुच मिलेट के दिन फिरेंगे ?
मिलेट जैसे ज्वार बाजरा आदि के दाने बहुत छोटे आकार के होते है। इसके उलट अनाज मसलन गेहूं, चावल, मक्का आदि के दाने बड़े आकार के होते है। दोनों में यह मूलभूत अंतर है। मिलेट को फिर से मुख्य धारा…









