समसामयिक

रोजगार और व्यवसाय : ‘स्टार्टअप्स’ के लिए जरूरी है, समझ की तब्दीली

रोजगार और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए एक तजबीज आई है – स्टार्टअप, लेकिन उन्हें परवान चढाने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। मसलन – स्टार्टअप को कारगर बनाने के लिए गंभीरता से किया गया शोध। तैयारी की…

क्यों है, बोधगया के महाबोधि मंदिर पर विवाद?

फरवरी से बौद्ध समाज भगवान बुद्ध के निर्वाण-स्थल बोधगया के महाबोधि मंदिर के सामने धरने पर बैठे हैं। वजह है – प्रबंधन में ब्राम्हणवादी तौर-तरीकों का बढ़ता दबाव। इतिहास बताता है कि अपने समय में साक्षात गौतम बुद्ध और बाद…

मिट्टी क्षरण और वर्षा पानी को रोकना मरुस्थलीकरण का समाधान

17 जून : विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण आज वैश्विक संकट बन चुके हैं, जो दुनिया की एक-तिहाई भूमि और अरबों लोगों की आजीविका को प्रभावित कर रहे हैं। भारत में स्थिति और भी गंभीर है,…

बाजार : ‘मुट्ठी’ में शीतलपेय  

इन दिनों शीतलपेय की आक्रामक मंडी थोड़ी ठंडी दिखाई दे रही है। हर साल की तरह भांति-भांति के शीतलपेय बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए बाजारों में नहीं आए हैं। कहा जा रहा है कि इसकी वजह एक नया, जमा-जमाया…

जाति जनगणना और पसमांदा मुसलमान

हाल ही में केन्द्र सरकार ने बहु-चर्चित जाति जनगणना की तारीखों की घोषणा कर दी है। विपक्षी दलों की इस प्रमुख मांग पर भारी ना-नुकुर के बाद हामी भरने वाली सत्तारूढ़ भाजपा इसे चुनावी जीत की गारंटी मानती है, लेकिन…

मुंबई : नदियों को डुबाने से डूबती है मायानगरी

मुंबई में समय से पहले और तीव्र बरसात ने एक बार फिर दिखा दिया कि यह महानगर जलवायु परिवर्तन का नहीं, अपने ही विकास मॉडल का शिकार है। जलभराव का कारण न सिर्फ पुरानी सीवर व्यवस्था है, बल्कि मीठी, दहिसर,…

भोजन की थाली में छिपा ख़तरा : क्यों ज़रूरी है खाद्य सुरक्षा पर वैश्विक चेतना

दुनियाभर में हर दस में से एक व्यक्ति दूषित भोजन के कारण बीमार पड़ता है और हर साल लाखों लोगों की जान इससे चली जाती है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस न केवल इस खतरे की ओर ध्यान दिलाता है, बल्कि…

World No Tobacco Day : बीस साल की तम्बाकू नियंत्रण संधि  

सब जानते हैं कि तम्बाकू मानव-स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है, लेकिन कोई उसके उत्पादन पर रोक लगाने की अगुआई नहीं करना चाहता। बीस साल पहले ‘विश्व स्वास्थ्य संठन’ की पहल पर दुनियाभर के देशों ने एक ऐसी संधि पर…

हिन्दी पत्रकारिता : 199 वर्षों की यात्रा और जनविश्वास का मजबूत स्तंभ

Hindi Journalism Day 30 May भारत में पत्रकारिता ने हर चुनौतीपूर्ण दौर में जनमत निर्माण और जनहित के सरोकारों को मजबूती से आगे बढ़ाया है। विशेष रूप से हिन्दी पत्रकारिता ने अपने 199 वर्षों के सफर में राष्ट्र की एकता,…

बेगूसराय : पेप्सी बाटलिंग प्लांट से हो रहा भू गर्भ जल का दोहन

बिहार के बेगूसराय में पेप्सी के बॉटलिंग प्लांट ने पानी के संकट को गंभीर बना दिया है। भूगर्भ जलस्तर 20-30 फीट तक गिर गया है, चापानल सूख गए हैं और पानी दूषित हो गया है। हर दिन 12 लाख लीटर…