Year: 2025

भारतीय अर्थव्यवस्था : किनके लिए अर्थ-व्यवस्था ? 

अखबारों में भले ही ‘तीन ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था’ बताकर हमारे देश को आर्थिक रूप से श्रेष्ठ देशों की पंक्ति में शामिल बताया जाता हो, लेकिन मैदानी हालात खस्ता हैं। इसकी बानगी के लिए इतना जानना ही काफी है कि देश…

विश्व जल दिवस पर पानी पंचायत पर्व का आयोजन, तरुण भारत संघ के 50 वर्षों के जल संरक्षण कार्यों की गाथा ‘पानी पंचायत’ का होगा लोकार्पण

नई दिल्ली, 22 मार्च 2025। विश्व जल दिवस World Water Day 22 मार्च के मौके पर दिल्ली में “पानी पंचायत पर्व” का भव्य आयोजन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास के तत्‍वावधान में होने जा रहा है। इस महत्‍वपूर्ण आयोजन…

मेगसेसे पुरस्‍कार से सम्‍मानित राजेन्द्र सिंह ने किंग चार्ल्स तृतीय को चंबल आने का दिया न्‍यौता

लंदन, 16 मार्च 2025। जल संरक्षण के क्षेत्र में अपने अद्वितीय कार्यों के लिए पानी वाले बाबा के नाम से ख्‍यात राजेन्द्र सिंह ने बकिंघम पैलेस, लंदन में यूनाइटेड किंगडम के किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात की। इस भेंट के…

बढ़ता तापमान : गर्मी से गहराता संकट

नई सरकार के गठन की आपाधापी में राजधानी दिल्ली समेत देश के अनके इलाके अपने जल संकट और उबलती गर्मी की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं खींच पाए। दिनों-दिन गहराते ये संकट क्या केवल राजनीतिक खींचतान की वजह से ही हैं?…

भारत-अमेरिका : किसके हाथ में है, ‘ट्रम्प कार्ड’ ! 

डेढ-पौने दो महीने पहले अमेरिका ने अपने लिए जिस राष्ट्रपति का चुनाव किया था वह डोनॉल्ड ट्रम्प तेजी से समूची दुनिया को हलाकान करने में लगा है। उसने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानि ‘मागा’ के बहाने हाल के बरसों की…

Global Warming : पृथ्वी की सेहत की चिंता करना भी जरुरी

पृथ्वी की केवल 15 फीसदी जलमग्न भूमि ही प्रदूषण से अप्रभावित है क्योंकि चार करोड़ टन की भारी धातु, जहरीला कीचड़ और अन्य औद्योगिक कचरा दुनियाभर में पानी में फेंका जा रहा है जिससे 85 फीसदी जलमग्न भूमि प्रदूषित हो चुकी है। तीन अरब से…

बर्लिन से ज़्यादा ऊंची नफ़रत की दीवारों पर ख़ामोश हैं सत्ता प्रतिष्ठान ?

आज़ादी के बाद (या शायद पहले भी) कभी ऐसा नहीं हुआ होगा कि मस्जिदों को तिरपालों से ढाका गया हो या नमाज़ों का वक्त बदला गया हो । मुस्लिमों से कहा गया कि वे घरों के भीतर रहते हुए चल…

होली से गोरक्षा और पर्यावरण संरक्षण

गोबर से बने कन्डों से होली जलाने के लिए सामाजिक स्तर पर जनचेतना अभियान चलाया जा रहा है। गाय के गोबर के कन्डों के बढ़ते उपयोग से गोशालाओं और गोपालकों को अतिरिक्त आय होगी इस आय से गोशाला प्रबंधन और…

Holi 2025 : सामाजिक समरसता का पर्व होली

होली के सांस्कृतिक महत्व का दर्शन नैतिक, धार्मिक और सामाजिक आदर्शों को मिलाकर एकरूपता गढ़ने का काम करता है। तय है, होली के पर्व की विलक्षणता में कृषि, समाज, अर्थ और सद्भाव के आयाम एकरूप हैं। इसलिए यही एक ऐसा अद्वितीय पर्व है, जो सृजन…

Eco-friendly Holi : परम्परा और प्रकृति संरक्षण के लिए जरूरी

विविधता और मान्यताएं भारतीय संस्कृति के पर्याय है। होली के दिन हर गली और हर घर रंगों में सराबोर नजर आता है। हर रंग का महत्व होता है। भारत में हर अवसर और पल के लिए एक रंग है। हर…