Year: 2025

Rajasthan Holi 2025 : रंग बिरंगी होती है राजस्थान में होली

होली महोत्सव की विशिष्ट तिथि हर साल अलग-अलग हो सकती है, क्योंकि यह हिंदू कैलेंडर में फागुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। होली के अवसर पर राजस्थान के विभिन्न शहरों  में कईं तरह के आयोजन किए जाते…

महिला अधिक‍ार : खुद की अहमियत के लिए भी जरूरी है, संपत्ति का अधिकार

महिलाओं के लिए संपत्ति का अधिकार उन्हें केवल पूंजी या वस्तुओं पर मिलकियत भर नहीं देता, बल्कि उनमें एक आत्मविश्वास भी जगाता है। जाहिर है, हमारा मौजूदा सामाजिक ताना-बाना आत्मविश्वास से लबरेज महिला को मंजूर नहीं कर सकता। नतीजे में…

मिट्टी का मोल : सचेत और जिम्मेदार बनाने की कला

कहा जाता है कि दक्षिण एशिया में जीवन के आमफहम काम धरती पर बैठकर या उससे जुडकर ही साधे जाते हैं और नतीजे में इन इलाकों के समाजों में धीरज, सहनशक्ति और संयम सहज मौजूद रहता है। सच हो कि…

विकास के बरक्स आदिवासी संस्कृति

विकास के मौजूदा धतकरम के मुकाबले दुनियाभर के आदिवासियों की सभ्यता, संस्कृति, रहन-सहन, खान-पान आदि को देखें तो आसानी से समझा जा सकता है कि हम कथित आधुनिक लोगों को उनसे सीखकर खुद को बचा पाने की जरूरत है। क्या…

किशोर प्रेम और पॉक्सो : सुरक्षा या सजा

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल में किशोरों के प्रेम करने के नैसर्गिक अधिकार की तरफदारी करते हुए एक बेहद जरूरी और सामयिक बहस छेड़ दी है। अब एक तरफ बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए 13 साल पहले बनाया…

अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस : आजादी की आस में आधी आबादी

तरह-तरह की आधुनिकताओं, विकास और बराबरी के बावजूद आज भी आठ मार्च का ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ प्रासंगिक बना हुआ है और यह साल-दर-साल महिलाओं की हालातों को बयान करता है। आबादी की आधी से अधिक महिलाएं घर, परिवार और बच्चों के…

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस : मूत्रालयों के लिए महिलाओं का संघर्ष

यह शर्मनाक है कि आजादी की तीन चौथाई सदी गुजर जाने के बाद भी हमारी आधी आबादी को साफ-सुथरे शौचालय तक नसीब नहीं हैं। यह बदहाली सार्वजनिक स्थलों पर इतनी तकलीफदेह हो जाती है कि मुम्बई के एक एनजीओ को…

समाज की जरूरत है, महिला स्वास्थ्य

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ (8 मार्च)  वैसे तो बेहतर स्वास्थ्य समूचे समाज की बुनियादी जरूरत है, लेकिन महिलाओं के लिए इसकी खासी अहमियत है। अव्वल तो वे अपने भीतर जीवन रचती हैं, नतीजे में उनकी शारीरिक बनावट बेहद पेचीदी रहती है। दूसरे, हमारे…

‘राष्ट्रीय कृतज्ञता निधि’ : महिलाओं को मान देने का एक तरीका

‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ (8 मार्च) पर विशेष बरसों-बरस अपनी मां, बहन, बेटी, बीबी से ‘कुछ नहीं करती हूं’ सुनते और फिर इसी ‘कुछ नहीं’ की बदौलत जिन्दा रहते हम सब क्या इस आधी आबादी को मान देने का कोई तरीका…

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विनिवेश नहीं, बल्कि प्रभावी सार्वजनिक निवेश आवश्यक – प्रो. डॉ. रमा बारु

जन स्वास्थ्य सम्मान 2024 से डॉ. घनश्याम दास वर्मा और कैलाश मीणा सम्‍मानित भोपाल, 6 मार्च। ग्यारहवीं डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर (डॉ.) रमा वी. बारु ने स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में हो…