विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक विश्व जल विकास रिपोर्ट जारी की जाती है जिसमें विभिन्न देशों में जल के संसाधनों, नागरिकों तक की जल की उपलब्धता, घटते भूजल के स्तर और किए जा…
पुस्तक समीक्षा आशीष दशोत्तर की किताब ‘घर के जोगी’ में जिन 54 कवियों, साहित्यकारों को संजोया गया है वे यूं तो दुनिया-जहान में साहित्य क्षेत्र के जाने-पहचाने नामधारी हैं और इस लिहाज से स्थानीय नहीं कहे जा सकते, लेकिन जब…
आजकल दुनियाभर में जंगल की आग सचमुच ‘जंगल की आग’ की तरह फैल रही है। सुदूर अमरीका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया से लगाकर हमारे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तक दावाग्नि की चपेट में आ रहे हैं। कैसे निपटें इस संकट से? दुनिया…
इंदौर, 20 मार्च। जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन के बढ़ते खतरों के बीच ‘सेवा-सुरभि’ संस्था द्वारा विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘क्या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया’ विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम…
हर साल 21 मार्च को विश्व कठपुतली दिवस मनाते हैं। इस दिन का उद्देश्य कठपुतली को वैश्विक कला के रूप में मान्यता देना है। यह दुनिया भर के कठपुतली कलाकारों को का सम्मान करने का एक प्रयास है। एक समय था जब…
किसी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर आम लोगों का ध्यान आकर्षित करने की गरज से ‘दिवस’ घोषित किए जाते हैं। करीब तेरह साल पहले 21 मार्च को इसीलिए ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ ने ‘विश्व वानिकी दिवस’ घोषित किया था। अब…
इंदौर, 19 मार्च। आगामी 26 मार्च से तीन दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन इंदौर में किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रतिष्ठित रंगमंच कलाकारों और लेखकों को सम्मानित किया जाएगा। अभिनव रंगमंडल (उज्जैन, इंदौर) के 39वें नाट्य समारोह…
गोरैया को बचाना केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और संस्कृति की भी जरूरत है। यह चिडिय़ा हमारे बचपन की साथी रही है, हमारे आंगन की रौनक रही है। इसे वापस लाना है तो इसके लिए हमें अपने घरों,…
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 286 दिनों बाद धरती पर लौट आई हैं। वे केवल आठ दिनों के लिए अंतरिक्ष गई थीं, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण उनकी वापसी टलती रही। उनकी सुरक्षित वापसी ने दुनिया को राहत की सांस लेने…
आधुनिक विकास के नाम पर जिन ‘भस्मासुरों’ को बनाया, बढ़ाया जा रहा है, प्लास्टिक उनमें से एक है। कुल-जमा सौ-सवा सौ साल पहले ईजाद किया गया यह कारनामा आज प्रकृति-पर्यावरण और इंसानों के अस्तित्व के लिए संकट बन गया है।…