Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

समसामयिक

कृषि कानूनों की वापसी और किसानों की अधूरी जीत के निहितार्थ

लंबे समय से जिस कानून को लेकर सड़क से लेकर संसद तक घमासान मचा हुआ था, आखिरकार उन तीन कृषि कानूनों के अंत का ऐलान हो ही गया। दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री ने तीनों…

पर्यावरण संरक्षण से पनपता रोजगार

पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं अक्सर समाज के हाशिए पर बसे लोगों को बेदखल करके बनती, बनाई जाती हैं, जबकि थोडी समझदारी रखी जाए तो उसी समाज की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार भी पैदा किए जा सकते हैं।…

खादी खड़ी बाजार में

आजादी के आंदोलन में जिस खादी को संघर्ष के एक कारगर औजार की हैसियत से नवाजा गया था, वह खादी आज बाजार में तरह-तरह के दबावों के चलते अपना अस्तित्व तक गंवा रही है। सवाल है, वस्त्र-स्वावलंबन की मार्फत आजादी…

वायु-प्रदूषण की चपेट में बच्चे

हमारे देश में वायु-प्रदूषण के साथ-साथ जल एवं शोर-प्रदूषण तथा कृषि के रसायन भी शिशुओं तथा नवजात को प्रभावित कर रहे हैं। बच्चों को कुपोषण तथा अल्पपोषण की स्थिति इन सभी प्रभावों को ज्यादा गंभीर बना देती है। कुछ प्रयासों…

आज के दौर का ‘1984’

इसरायल में बनाए गए सॉफ्टवेयर ‘पेगासस’ की मार्फत की जा रही जासूसी के प्रकरण में सुप्रीमकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमणा, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की खंडपीठ ने अपनी टिप्पणी में जॉर्ज ऑरवेल के कालजयी उपन्यास ‘1984’…

झुलसती धरती : संवेदनशीलता ही इस धरती को बचा सकती है

हमारे इस्तेमालवादी असंवेदनशील रवैये ने इस धरती का जितना नुकसान किया है, उतना शायद ही किसी आकस्मिक आपदा ने किया हो। गौरतलब है कि महान वैज्ञानिक स्टीवन हॉकिंग इंसान की हिंसक और आक्रामक प्रकृति को ही धरती के विनाश का…

‘पेसा’ (PESA) से उलट ‘पेसा’ (PESA) के नियम

जनजातीय गौरव दिवस’ (15 नवम्बर) मध्यप्रदेश सरकार को करीब ढाई दशक पहले संसद में पारित ‘पेसा कानून’ की अब जाकर सुध आई है। पांच महीने पहले ‘पेसा’ के नियम-कानूनों का दस्तावेज तैयार करके उस पर संबंधित विभागों की राय मांगी गई,…

पद्मश्री प्रो. रामजी सिंह, जिन्होंने गांधी के चिंतन और दर्शन को साक्षात उतारा है

2020 में भारत सरकार ने प्रो.रामजी सिंह को पद्मश्री से सम्मानित किए जाने की घोषणा की थी। 8 नवंबर 21 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने पद्म सम्मान से अलंकृत किया। उनका व्यक्तित्व सभी सम्मानों से सर्वोपरि है। गांधी विचार और…

लॉक डाउन के 233वें दिन के बाद की पहली दिवाली!

हम एक बार फिर दीपावली से रूबरू हैं। हमारे भीतर का लॉक डाउन अभी भी जारी है। ’न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट पर यक़ीन करना हो तो भारत में (सरकारी दावे 4.58 लाख के मुक़ाबले) कोरोना के मृतकों की कुल…

बांधों से बेहाल हिमालय

साठ के दशक में ‘नए भारत के तीर्थ’ माने गए बड़े बांध आजकल किस तरह की त्रासदी रच रहे हैं, इसे देखना-समझना हो तो केवल उत्तराखंड की यात्रा काफी होगी। गंगा और उसकी अनेक सहायक नदियों पर जल-विद्युत, सिंचाई और…