Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

समसामयिक

प्रयागराज : महाकुंभ में मैत्री 

इन दिनों प्रयागराज उर्फ इलाहाबाद में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर हर बारह साल में भरने वाला महाकुंभ का मेला लगा है। ऐसे विशालकाय जमावड़े आपसी मेल-मिलाप, संवाद और सहजीवन की बुनियाद होना चाहिए, उनसे मैत्री की किरण फूटनी…

विचार : भीड़ भरी दुनिया में अकेलेपन की भीड़!

आज की भीड़ भरी दुनिया में मनुष्यों के मन में अकेलेपन का अहसास दिन दूना रात चौगुना बढ़ रहा है यह एक नयी बात है। भीड़ और अकेलापन दोनों एक-दूसरे से विरोधाभासी शब्द है। आठ अरब मनुष्यों के विचार, व्यक्तित्व…

ऊर्जा : सौर से सस्ती होगी बिजली

भले ही दो दिन बाद सर्वशक्तिमान माने जाने वाले अमरीका का राजपाट एक ऐसे व्यक्ति के हाथों में आ जाए जिसे जलवायु परिवर्तन पर हुआ ‘पेरिस समझौता’ जरा भी नहीं सुहाता, लेकिन लगातार बढ़ता तापक्रम ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की…

सुप्रीम कोर्ट से संवैधानिक अधिकार : मौसम और मजदूरी पर फैसले

आज के समय में जलवायु परिवर्तन और बेरोजगारी के मुद्दे हमारे सामने मुंह बाए खड़े हैं, इनसे निपटने के लिए सुप्रीमकोर्ट के फैसले भी मौजूद हैं, लेकिन किन्हीं अनजानी गफलतों, हितों या भूल जाने की राष्ट्रीय बीमारी के चलते उन्हें…

बालिकाएं : आशा, आत्मबल और आत्मनिर्भरता

राष्‍ट्रीय बालिका दिवस : 24 जनवरी पर विशेष प्रतिवर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाते हैं। इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2008 से हुई। पहली बार महिला बाल विकास मंत्रालय ने 24 जनवरी 2008 में राष्ट्रीय बालिका…

भारतीय डाक विभाग : महंगा हो गया है डाक से किताबें मंगाना

पिछले दिनों, बिना किसी शोर-ओ-गुल के आमफहम किताबें, मुद्रित सामग्री और ‘दूरस्थ शिक्षा’ की पाठ्य-सामग्री तक का परिवहन न सिर्फ मंहगा, बल्कि बंद हो गया है। मोबाइल और उसकी सहचर तकनीक को फिलहाल छोड़ भी दें, तो सरकार की इस…

कृषि और आहार की सनातन संस्कृति

प्राचीन भारतीय समृद्धि और समरसता के मूल में प्राकृतिक संपदा,कृषि और गोवंश थे। प्राकृतिक संपदा के रूप में हमारे पास नदियों के अक्षय-भंडार के रूप में शुद्ध और पवित्र जल स्रोत थे। हिमालय और उष्‍ण कटिबंधीय वनों में प्राणी और…

नदियों को बचाने की राष्ट्रीय पहल जरूरी

पिछले दिनों राजधानी दिल्ली में गंगा समेत देशभर की नदियों को बचाने की खातिर सरोकार रखने वाले अनेक लोग जुटे थे। गंगा सहित सभी नदियां शुरू से सभी जातियों, धर्मों और संप्रदायों के लिए जीवन-दायिनी रही है। इन नदियों के कारण…

Happy New Year 2025 : नए वर्ष में छोटे प्रयासों से संभल सकती है बड़ी समस्याएं

इस समय विश्व में लगभग 13000 परमाणु हथियार है जो मनुष्यों समेत धरती के अधिकांश जीवों को अनेक बार नष्ट करने के लिए पर्याप्त हैं। सबसे बड़े दुख और आश्चर्य की बात है कि ऐसी खतरनाक स्थितियों की जानकारी बार-बार…

कृषि : रासायनिक खादों के खतरे और जैविक विकल्प

बुवाई के मौसम में रासायनिक खाद की मारामारी खेती के एक सालाना कर्मकांड की तरह होने लगी है। इसके तहत कई जगहों पर मार-पीट, गोदामों की लूट और प्रतिबंधात्मक धाराओं का कडाई से उपयोग होता है। क्या इससे किसी तरह…