Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

सप्रेस फीचर्स

दवाइयां : डेढ़ सौ से ज़्यादा औषधि मिश्रणों पर प्रतिबंध

डॉ. सुशील जोशी पिछले सप्ताह भारत सरकार ने 156 औषधि के नियत खुराक संयोजनों यानी फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन्स (एफडीसी) के उत्पादन, विपणन और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया। इनमें आम तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले एंटीबायोटिक्स, दर्द-निवारक, एलर्जी-रोधी दवाइयां…

वायनाड त्रासदी : पानी की भी याददाश्त होती है !

मारिया टेरेसा राजू पिछले महीने केरल के वायनाड जिले में हुई भीषण त्रासदी के लिए वैज्ञानिकों ने विकास के मौजूदा मॉडल को जिम्मेदार ठहराया है। ‘पश्चिमी घाट’ को लेकर गहन अध्ययन करने वाले प्रोफेसर माधव गाडगिल ने भी कहा है…

स्वाधीनता याने आत्मा की स्वाधीनता                 

जयप्रकाश नारायण 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस स्वाधीनता मेरे लिए कई अर्थ रखती है । पर सबसे अधिक मेरे लिए यह आत्मा की स्वाधीनता का अर्थ रखती है, विचारों की स्वाधीनता का और तब कहीं जाकर कर्म की स्वाधीनता…

न्यूनतम मजदूरी : अकस्मात कम की गई मजदूरी दरें

राम गोपाल पाण्डेय दिन दूनी, रात चौगुनी बढ़ती मंहगाई और नतीजे में जीवन यापन की अकल्पनीय मुश्किलों के बीच अचानक वैधानिक न्यूनतम मजदूरी भी घटा दी जाए तो क्या होगा? एक तो वैसे भी नियोक्ता कम-से-कम मजदूरी देकर पैसा बचाने…

लद्दाख : पहाड़ों, नदियों के विनाश के खिलाफ व भविष्य के लिए खड़े होते लोग

पिछले 2 महीनों से 3 लाख आबादी वाले लद्दाख की 10 प्रतिशत आबादी यानि 30 हज़ार से भी ज़्यादा लोग, अपने जल-जंगल-जमीन, पर्यावरण, अपने रोजगार और समाज और अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं! लद्दाख की 90% आबादी आदिवासी…

बंद होती बातचीत

नंदिता मिश्र आज हम जिस दुनिया में जी रहे हैं उसमें संचार और सम्पर्क के साधनों की कोई कमी नहीं है। जितना व्यक्तिगत सम्पर्क इस समय हो रहा है, इतना पहले कभी नहीं हुआ होगा। मोबाईल ने तो हमारी दुनिया ही…

विश्व संसद की कल्पना भारत के प्राचीन सिद्धांत व संस्कृति को नया आयाम दे सकती है

रघु ठाकुर 23 मार्च डॉक्टर राम मनोहर लोहिया का जन्म दिवस है । डॉक्टर लोहिया का सारा जीवन संघर्षों का और मौलिक विचारों को देने का इतिहास है। जर्मनी से पढ़कर आने के बाद वे महात्मा गांधी की अगुवाई में…

प्रदेश सरकार का जिला अस्पतालों को निजी हाथों में देने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना पहली प्राथमिकता होना चाहिए भोपाल/ इंदौर। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों, संस्थाओं और विशेषज्ञों के नेटवर्क जन स्वास्थ्य अभियान ने हाल ही में सम्‍पन्‍न हुई मंत्री परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सभी…

साहित्‍य : अंधायुग और कविता की पुकार

चंद्रकांत देवताले समाज के सुख दुख को अपने साहित्‍य में स्‍थान देने वाले यशस्वी कवि चंद्रकांत देवताले ने मूल रूप से हिंदी कविता में बदलाव के पक्षधर रहे हैं। साहित्‍यकार देवताले अपने समय और भविष्य के कवि थे। वे सच…

चन्नम्मा हल्लिकेरी : एक तपोनिष्ठ विनोबा विचार की साधिका का मौन होना

रमेश भैया कन्नड़ भाषा की विद्वान, देवनागरी लिपि की प्रचारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुश्री चैन्नमा दीदी (94 वर्ष) का 21 दिसंबर 23 को पवनार आश्रम, वर्धा में ह्रदयगति रुक जाने से देहांत हो गया। चैन्‍नमा दीदी कई दिनों से अस्वस्थ…