डॉ.विनय कुमार दास भांति-भांति के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय नियम-कानूनों के बावजूद बच्चों को कठिन और बदहाल रोजगारों से छुटकारा नहीं है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बने कानूनों में ही कोई अंतर्विरोध हैं?…
स्मृति शेष : शीतला सिंह पत्रकारिता के पितामह कहलाने वाले देश के वरिष्ठ पत्रकार शीतला सिंह अभी कुछ दिन पहले हम सबसे सदा के लिए विदा हुए हैं। ‘सप्रेस’ का उनसे सम्बंध रहा था। प्रस्तुत है, निमीषा सिंह की लिखी…
निमिषा सिंह निर्मला देशपांडे Nirmala Deshpande का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने अपने विचारों एवं कार्यों से गांधी और विनोबा को जोड़ने का कार्य किया। गांधी विचार के मूल तत्व संवाद को इन्होंने ‘गोली नही बोली चाहिए’ का रूप देकर विपरीत…
World Autism Awareness Day ऑटिज़्म जागरूकता सप्ताह बड़ी संख्या में Autism ऑटिज़्म से प्रभावित बच्चे चिकित्सा के लिए लाये जाते हैं| उन्हें ठीक करने के तरीकों में ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और बिहवियर चिकित्सा के सिद्धांत शामिल हैं। ऑटिज्म से…
पेड़ों को कटने से बचाने हेतु हिमालय क्षेत्र में पैदा विश्व प्रसिद्ध चिपको आंदोलन के 51 वर्ष पूर्ण हो रहे है। आज 26 मार्च को दुनिया के सुप्रसिद्ध चिपको आंदोलन के 51 वर्ष पूर्ण हो रहे है। पेड़ों को लिपटकर…
पत्रकारिता के एक महान् पुरोधा पुरुष, मजबूत कलम एवं निर्भीक वैचारिक क्रांति के सूत्रधार, उत्कृष्ट राष्ट्रवादी, हिन्दीसेवी, ‘भाषा’ के मुख्य सम्पादक, नवभारत टाइम्स के सम्पादक, डॉ. वेदप्रताप वैदिक अब हमारे बीच नहीं रहे। मंगलवार (14 मार्च 23) सुबह उनका निधन…
कलीम सिद्दीकी गांधी जी के ग्रामीण सपने को साकार करती सेवा में पिछले 50 वर्षों में कुल 18 राज्यों में 21 लाख महिलाएं सक्रिय हैं छह फरवरी 2023 को अहमदाबाद स्थित देश के पहले स्वयं सहायाता समूह सेवा (सेल्फ एंप्लाइड…
शंपा शाह ऐसे समय में जब देश के अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत करीब 94 फीसदी महिलाओं के आर्थिक योगदान को नकारा जाता हो, ‘सकल घरेलू उत्पाद’ यानि जीडीपी में उनकी भूमिका अनदेखी की जाती हो या उनके काम को कम…
प्रतिभा चतुर्वेदी पुण्यभूमि राम नगरी भगवान राम के कारण जानी जाती है तो वही उसी धरती पर प्रवाहित पवित्र नदी बेतवा के कंचन-घाट को बापू के अस्थि-विसर्जन के लिए भी जाना जाता है। 12 फरवरी सन 1948 को गांधीजी की अस्थियों का विसर्जन देश के विभिन्न…
7 फरवरी : भाईजी के जन्मदिवस पर विशेष रमेश चंद शर्मा शब्द, बोल, विचार, सर्व धर्म प्रार्थना, गीत संगीत, अच्छे कर्म, साधना, मौन, श्रम कभी मरते नहीं हैं। कभी विविध कारण से धुंधले या मंद पड़ सकते है मगर जिंदा…