राजदंड से सजाया गया लोकतंत्र
तमाम लोकतांत्रिक-संवैधानिक मर्यादाओं को धता बताते हुए हाल में संसद के नए भवन का उद्घाटन किया गया है। इस पूरे कार्यक्रम में एक तमाशा दक्षिण के चोल वंश के राजदंड ‘सेंगोल’ को लोकतंत्र का मंदिर कही जाने वाली संसद में…
कचरा प्रबंधन का राजनीतिक अर्थशास्त्र और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण
एनजीटी स्वच्छ भारत मिशन का सपना साकार कर ही चैन की सांस लेगी। इसके लिए बेहतर कचरा प्रबंधन की सराहना की जा रही है। सिक्किम, सूरत और इंदौर ही नहीं बल्कि तेलंगाना का सूर्यापेट और तमिलनाडु का नामक्कल भी इस…
‘गूंगी गुडिय़ाओं’ की बदौलत बदल रही है, गांवों की तस्वीर
तीन दशक पहले 73वें संविधान संशोधन की मार्फत पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण मिला था। आज उस आरक्षण के बूते सक्षम हुईं महिलाओं की क्या स्थिति है? ग्रामीण महिलाएं घर सजाने, खाना बनाने, बच्चे पालने और कपड़े सिलने के अलावा…
दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर अगले 5 साल में भारत में बनेगा
अभ्यास मंडल की 62 वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में रैंक बैंक के संस्थापक नरेंद्र सेन का व्याख्यान इंदौर,19 मई । रैंक बैंक के संस्थापक नरेंद्र सेन ने कहा है कि हमारे देश की 70% आबादी 30 वर्ष से कम उम्र की…
आकाशवाणी : कृत्रिम बदलाओं की सीमा
आकाशवाणी को भी कई लोग ज्यादा संस्कृतनिष्ठ और भगवाकरण की मुहिम से जोड़कर देख सकते हैं। पर यह बताना जरूरी है कि यह नाम कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने 1956 में दिया था लेकिन अंगरेजी समेत दूसरी भाषाओं का प्रसारण आल…
पुनर्जीवित नदी पार्बती के प्रेम और सैरनी के शेरों का बुलावा
18, 19 और 20 मई को सैरनी के तट पर जल योद्धाओं का मिलन सम्मेलन चंबल घाटी की सूख चुकी सैरनी नदी अब शुद्ध सदानीरा होकर बह रही है। मई के माह में भी सैरनी नदी में पूर्णतः जल प्रवाह…
विभिन्न संस्कृतियों और परिवेशों को जोड़ने का काम करते है प्रवासी पक्षी
13 May ‘World Migratory Bird Day 2023’ प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता को विश्व भर के लोगों को समझाने और उन्हें जागरुक करने के लिए साल में दो बार मई और अक्टूबर के दूसरे शनिवार को…
वन के व्यापार में बेदखल होते आदिवासी Tribals
अपने तरह-तरह के जैविक, सामाजिक और प्राकृतिक उपयोगों के आलावा आजकल जंगल व्यापार-धंधे में भी भारी मुनाफा कूटने के काम आ रहे हैं। इसमें सेठों, सरकारों की बढ़-चढ़कर भागीदारी हो रही है। कैसे किया जाता है, यह कारनामा? और क्या…
जिद्दू कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy : देखने और सुनने की कला बने शिक्षा का हिस्सा
12 मई : जन्म दिवस प्रसंग कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्कूल में शिक्षक और छात्र दोनों ही जीवन के बुनियादी सवालों की पड़ताल करें बगैर किसी दबाव के। यह पड़ताल बाहरी दुनिया से शुरू…
समसामयिक : आज आपकी जरूरत है, आर्य चाणक्य
अपने आसपास के समाज और उसके संसाधन, प्रकृति तथा उनको वापरने की भांति-भांति की तकनीक जानने वाले ढाई हजार साल पुराने अर्थशास्त्री आचार्य विष्णु गुप्त कौटिल्य यानि चाणक्य आज कितने मौजूं हैं? और क्या आज के अर्थशास्त्री कौटिल्य की तरह…









