ओबामा पहले अमेरिका के गिरेबान में झांक कर देखें!
ओबामा को समझाया जाना चाहिए कि मोदी-शाह-योगी भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा नहीं हैं। भारत की मूल आत्मा सर्वधर्म समभाव की है और यही राष्ट्र का स्थायी चरित्र है। ऐसा नहीं होता तो सवा दो सौ सालों (1526-1761) में मुग़ल…
केदारनाथ धाम : आपदा का एक दशक
एक दशक पहले केदारनाथ मंदिर के ऊपर से उठे बवंडर ने मंदिर समेत पूरी केदार-घाटी को तहस-नहस कर दिया था। जैसा कि होता है, दुर्घटना के प्रभाव में तरह-तरह के सुझाव-सलाहें भी आईं जिनका मूल स्वर तीर्थ-यात्राओं को पर्यटन बनाए…
महात्मा गांधी की विरासत सर्व सेवा संघ भवनों के जमींदोज का विरोध, राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग
गांधी, विनोबा व जयप्रकाश के समर्थकों, प्रबुद्धजनों, छात्रों का राजघाट स्थित परिसर में जमावड़ा शुरू वाराणसी, 29 जून । वाराणसी स्थित सर्वोदय आंदोलन की शीर्षस्थ संस्था सर्व सेवा संघ के भवनों के जमींदोज करने की कार्रवाई पर संघ के अध्यक्ष…
गांधी विचार की एक और संस्था संकट में : निष्क्रियता का नतीजा
अमन नम्र स्व. जयप्रकाश नारायण द्वारा स्थापित ‘गांधी विद्या संस्थान’ समेत ‘सर्व सेवा संघ’ के राजघाट, वाराणसी परिसर पर सरकार द्वारा बलात कब्जा किया जाना हर तरह से निंदनीय है। देश भर में इस सरकारी कारनामे के विरोध में तीखी…
बद्रीनाथ–धाम : आस्था की जगह पर्यटन
आजकल धार्मिक-पौराणिक स्थलों को ‘पिकनिक स्पॉट’ में तब्दील करने की बड़ी हुलफुलाहट मची है और इस उत्साह में उत्तर भारत के अनेक मंदिरों, तीर्थ-स्थलों को बदला और अनेकों को चिन्हित किया जा चुका है। हमारे चार धामों में से एक,…
दो हजार की नोट वापसी : आरबीआई की साख पर सवाल
दो हजार रुपए के नोटों की वापसी को सरकार और ‘आरबीआई’ यूं तो ‘क्लीन नोट’ यानि चार-पांच साल चल चुके कटे-फटे–गले नोटों को बदलने की सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं, लेकिन जिस तरह से इसे किया गया उसने ‘आरबीआई’ की…
क्यों जारी है, बाल मजदूरी (child labor) ?
डॉ.विनय कुमार दास भांति-भांति के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय नियम-कानूनों के बावजूद बच्चों को कठिन और बदहाल रोजगारों से छुटकारा नहीं है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बने कानूनों में ही कोई अंतर्विरोध हैं?…
Ground water : टूटने लगा है भूजल पर भरोसा
बेरहमी से सतही जल उलीचने और जलस्रोतों को रौंदने के बाद इंसानी हवस की भरपाई के लिए अब भूगर्भीय जल की बारी है, लेकिन हमारे पास कितना भूजल है? क्या उसे विकास की मौजूदा रफ्तार के चलते बचाया जा सकेगा?…
प्राकृतिक खेती : हिम्मत बंधाता हमीरपुर
विकास के शहरी ताम-झाम से थोडा भी बाहर निकलें तो हमें अपने लिए कारगर, उपयुक्त और लाभदायक विकास की बानगियां दिखाई देने लगती हैं। उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले का यह इलाका इसी बात की तस्दीक करता है। संतोष एक ऐसा…
गायब हो रहे Non-AC कोच: रेलवे की संगठित लूट? | हमारा पैसा हमारा हिसाब
भारतीय रेल Non-AC डब्बों को ख़त्म करने जा रहा है। कुछ धीमी गति की रेलों और लोकल रेलों को छोड़कर, सभी रेलों में केवल वातानुकूलित air-conditioned डिब्बे ही होंगे। अपने पुराने मूल्यों से हटकर लगता है रेलवे अब बस लाभ…









