द साबरमती रिपोर्ट : सिनेमा के पर्दे पर राजनीति का खेल
भारती पंडित फिल्म समीक्षा मीडिया में तो राजनीति का दखल हम देख ही रहे थे, अब फिल्मों में राजनीतिक दखल के क्या मायने होते हैं, इस फिल्म को देखने से आप समझ पाएँगे | सीधे और छुपे रूप से नफरत…
सावधान! आपकी थाली के शाकाहार में छुपा हो सकता है मांसाहार
मालवा निमाड़ के खेतों में पैदा होने वाली सरसों के साथ बैंगन, सोयाबीन आदि जैसी फसलों और साग-भाजी के साथ फल आपकी थाली में परोसे जाएं और इनके शाकाहारी या मांसाहार होने का भेद नहीं कर पाए तो क्या होगा? ऐसे प्रकृति…
देश का पिछड़ता पर्यावरण
जिन वन और वन्यप्राणियों को इंसानी हस्तक्षेप से बचाने की खातिर समूची सरकारी ताकत जंगलों में बसे इक्का-दुक्का गांवों को खदेड़ने में लगी है, उन्हीं वनों को दान-दक्षिणा में पूंजीपतियों को सौंपा जा रहा है। क्या इस तरह की मौजूदा…
दिल्ली : हर साल सांसों का ये कैसा आपातकाल?
दिल्ली में इन दिनों एक प्रकार से सांसों का आपातकाल सा दिखाई दे रहा है, जहां चारों ओर स्मॉग की चादर छाई दिखती है। स्मॉग की यह चादर कितनी खतरनाक है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि…
पत्रकारिता की नैतिकता और प्रेस की स्वतंत्रता
राष्ट्रीय प्रेस दिवस (16 नवम्बर) राष्ट्रीय प्रेस दिवस वास्तव में प्रेस की स्वतंत्रता तथा समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों का प्रतीक है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद-19 में भारतीयों को दिए गए अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार से देश में…
हाथी और मानव के बीच बढ़ता संघर्ष
संदर्भः- बांधवगढ़ उद्यान में 10 हाथियों की मौत मध्य-प्रदेश और छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय उद्यानों से हाथियों की असामयिक मौत की खबरें आना कोई नई बात नहीं है। नई बात इन हाथियों के मौत के कारण से जुड़ी है। इस बार…
दीपावली की दहशत : पटाखे और प्रदूषण
हमारे यहां त्यौहारों का ताना-बाना कृषि-चक्र से गहरा जुडा है। मसलन इन दिनों खरीफ की फसलों के आने और रबी की फसलों के इंतजार के अंतराल में दीपावली मनाई जाती है। बाजारों से लदी-फंदी आज की उत्सव-धर्मिता ने इस प्राकृतिक…
प्रकाश पर्व पर प्रकाश प्रदूषण भी समझें
दीपावली, नव-वर्ष जैसे अनेक त्यौहार हम भरपूर रोशनी और आतिबाजी के साथ मनाते हैं। लेकिन क्या हमें मालूम है कि जरूरत से ज्यादा रोशनी भी हमें बीमार कर सकती है? बढ़ता प्रकाश प्रदूषण मानव स्वास्थ्य, फीट पतंगों व पक्षियों, पेड़-पौधों…
विधानसभा चुनाव : झारखंड में झूलता ‘पेसा कानून’
हाल में घोषित झारखंड विधानसभा चुनावों की 13 और 20 नवंबर की तारीखों ने अब तक कछुआ चाल से ठुमक रहे ‘पेसा कानून’ को फिर से हवा दे दी है। करीब तीन दशक पहले संसद में पारित आदिवासियों के लिए…
बाल विवाह पर ‘बड़ी अदालत’ का फैसला
पिछले हफ्ते बाल विवाह पर दिए गए अपने अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ‘बाल विवाह के कारण स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और जीवन के अवसरों से वंचित होना समानता, स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक सिद्धांतों…









