शख्सियत

काका साहेब कालेकर : विचार, साहित्य और सामाजिक न्याय के गांधीयुग पथप्रदर्शक

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, साहित्य और सामाजिक सुधार के प्रमुख स्तंभ काका साहेब कालेकर न केवल गांधीजी के निकटतम सहयोगी थे, बल्कि भाषा, शिक्षा, नैतिकता और सामाजिक न्याय के प्रखर विचारक भी रहे। शिक्षक, साहित्यकार, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी के रूप…

सुचेता कृपलानी ने भारतीय राजनीति को निष्ठा, पारदर्शिता और अनुशासन की नई दिशा दी : अरविन्द मोहन

नईदिल्‍ली, 30 नवंबर। वरिष्ठ पत्रकार,  लेखक और गांधी विचार के अध्येता अरविन्द मोहन ने शनिवार को कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए स्वतंत्रता सेनानी सुचेता कृपलानी ने अपने व्यक्तिगत जीवन में महत्वपूर्ण बलिदान दिया ताकि राष्ट्रीय आंदोलन का कार्य बिना…

ज्योतिबा फुले की प्रासंगिकता : एक समकालीन विश्लेषण

उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक अंधकार में जाति, लिंग और शिक्षा के प्रश्नों पर सबसे तेज स्वर उठाने वालों में महात्मा ज्योतिराव फुले का नाम अग्रणी है। रूढ़ियों और अन्याय के विरुद्ध उनके जमीनी संघर्ष ने भारतीय समाज में परिवर्तन की…

धीरेन्द्र मजूमदार : समग्र ग्राम सेवा के शास्त्री, मिस्त्री और लोक-यात्रा के महायात्री

धीरेन्द्र मजूमदार भारतीय रचनात्मक आंदोलन के उन तेजस्वी व्यक्तित्वों में थे, जिनमें विचार की पारदर्शिता और कर्म की प्रतिबद्धता अद्भुत सामंजस्य के साथ प्रवाहित होती थी। धीरेन्द्रदा के नाम से पहचाने जाने वाले इस गांधीवादी कार्यकर्ता ने साधना, सेवा और…

सच्चिदाजी : सत्तावन का जज्बा और लीची की मिठास

सच्चिदानंद सिन्हा के निधन के साथ भारतीय समाजवादी चिंतन की एक ऐसी ज्योति बुझ गई है, जिसकी रोशनी पीढ़ियों को दिशा देती रही। मनिका के इस तपस्वी बुद्धिजीवी ने ज्ञान को साधना, गरीबी को संकल्प और लेखन को संघर्ष बनाया।…

सच्चिदानन्द सिन्हा : समाजवादी विचारधारा के जीवंत मशाल

समाजवादी चिंतक और लेखक सच्चिदानन्द सिन्हा का बुधवार को निधन एक युगांतकारी क्षति है। 98 वर्ष की आयु में विदा हुए सच्चिदानन्द बाबू ने अपनी गहन वैचारिक दृष्टि, सादगीपूर्ण जीवन और दो दर्जन से अधिक पुस्तकों के माध्यम से भारतीय…

पेड़ों की मां : दीर्घजीवी सालूमरदा थिमक्का

डॉ. ओ. पी. जोशी पेड़ों की मां (मदर ऑफ़ द ट्रीज) के नाम से प्रसिद्ध गरीब एवं अनपढ़ सालूमरदा थिमक्का का 114 वर्ष की आयु में बैंगलूरू के निजी अस्‍पताल में 14 नवंबर 25 को निधन हो गया। उन्‍हें आलामरदा…

गांधी दर्शन और विचार शख्सियत

आचार्य विनोबा भावे: अहिंसा, सेवा और सामाजिक न्याय की शाश्वत दृष्टि

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार के इतिहास में आचार्य विनोबा भावे का व्यक्तित्व अद्वितीय और प्रेरक रहा है। गांधीजी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले विनोबा ने अहिंसा, सेवा और आत्मनिर्भरता को जीवन का आधार बनाया। भूदान आंदोलन, सर्वोदय…

जवाहरलाल नेहरू का भारत : आजादी, लोकतंत्र और विश्वबंधुत्व का सफर

पंडित जवाहरलाल नेहरु भारत के स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे प्रखर नायक थे जिन्होंने न केवल आजादी की लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभाई, बल्कि स्वतंत्र भारत की लोकतांत्रिक नींव, औद्योगिक आधार और वैश्विक पहचान को भी मजबूत किया। विश्वशांति, गुटनिरपेक्षता और…

वैकल्पिक राजनीति के नेता साथी जुगल किशोर रायबीर का निधन

कलकत्‍ता, 6 नवंबर। वैकल्पिक जनराजनीति के अग्रणी नेता और समाजवादी जनपरिषद के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष साथी जुगल किशोर रायबीर (जुगलदा) का 6 नवंबर 2007 को रक्त कैंसर से लंबी जद्दोजहद के बाद निधन हो गया। उत्तर बंगाल में किसानों, दलितों…