Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2025

तीर्थाटन और पर्यटन

आजकल देश की अर्थव्यवस्था में उद्योग कहा जाने वाला पर्यटन खासी अहमियत रखता है, लेकिन क्या बरसों से हो रहे तीर्थाटन और देशाटन का आनंद इस पर्यटन से मिल पा रहा है? क्या अपने समाज और रास्ते में मिलने वाली…

इंदौर में गूंजे देश के प्रख्यात कवियों की कालजयी रचनाओं के स्वर

जबलपुर की ‘श्री जानकी बैंड ऑफ वुमन’ ने सुरों में पिरोई कविताएं, सस्वर गान से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध इंदौर 19 जनवरी । भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है श्री जानकी बैंड…

ओडिशा : गायब होता गंधमार्दन पर्वत

ओडिशा के गंधमार्दन पर्वत पर एक बार फिर उत्खनन का हमला होने वाला है और इस बार यह निजी क्षेत्र की अडाणी कंपनी करने वाली है। अस्सी के दशक में सरकारी क्षेत्र की ‘बाल्को’ कंपनी को बॉक्साइट की आपूर्ति की…

विकास के नाम पर हम पर्यावरण को संगठित रूप से क्षति पहुंचा रहे, केवल सरकार के भरोसे न रहें

‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ अभियान के तहत संविधान में पर्यावरण पर परिचर्चा इंदौर, 15 जनवरी। पर्यावरण को सरकार की प्राथमिक सूची में शामिल होना चाहिए। देश में हर वर्ष 42 अरब टन कार्बनडाई आक्साईड पैदा हो रही है। इससे बचने …

नर्मदा क्रूज प्रोजेक्ट से पानी की गुणवत्ता पर असर, मछलियों और जलीय जैव विविधता भी नष्ट होगी

यह कदम सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन बडवानी, 13 जनवरी । मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। विभाग ने हाल ही में नर्मदा नदी पर मेघनाथ…

भारतीय डाक विभाग : महंगा हो गया है डाक से किताबें मंगाना

पिछले दिनों, बिना किसी शोर-ओ-गुल के आमफहम किताबें, मुद्रित सामग्री और ‘दूरस्थ शिक्षा’ की पाठ्य-सामग्री तक का परिवहन न सिर्फ मंहगा, बल्कि बंद हो गया है। मोबाइल और उसकी सहचर तकनीक को फिलहाल छोड़ भी दें, तो सरकार की इस…

सुप्रीम कोर्ट ने अनैतिक क्लिनिकल ट्रायल्स पर कड़ा रुख अपनाया

केंद्र सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश इंदौर, 9 जनवरी 2025: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर में हो रहे अनैतिक क्लिनिकल ट्रायल्स के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार को कड़े निर्देश…

कृषि और आहार की सनातन संस्कृति

प्राचीन भारतीय समृद्धि और समरसता के मूल में प्राकृतिक संपदा,कृषि और गोवंश थे। प्राकृतिक संपदा के रूप में हमारे पास नदियों के अक्षय-भंडार के रूप में शुद्ध और पवित्र जल स्रोत थे। हिमालय और उष्‍ण कटिबंधीय वनों में प्राणी और…

भाषा हमें स्मृतिलोप से बचाती है, वह हमारी स्मृतियों को जीवित रखती है

भाषा- शिक्षा, माध्यम और चुनौतियां विषय पर संगोष्ठी देवास, 6 जनवरी। म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन की देवास इकाई के एक प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन में भाषा- शिक्षा, माध्यम और चुनौतियों पर बात करते हुए संस्कृत और हिन्दी के ख्यात भाषा शास्त्री राधावल्लभ…

महासागरों में बढ़ता प्रदूषण 

मुनाफे और उसकी खातिर पर्यावरण को नेस्त-नाबूद करने की इंसानी फितरत ने समुद्रों को भी नहीं छोडा है। धीरे-धीरे समुद्र भी मैले और निर्जीव होते जा रहे हैं। क्या है, इसकी वजहें? हमारी पृथ्वी पर महासागरों का विशेष महत्व है…