चुनाव में नहीं चुना जाता ‘पर्यावरण’
बहुत अधिक पीछे न जाकर पिछले 11-12 वर्षों में घटी प्रमुख त्रासदियों (केदारनाथ, जोशीमठ एवं सिक्किम) तथा मौसम की चरम घटनाओं को देखते हुए अब यह जरूरी हो गया है कि सभी राजनैतिक दल आगामी लोकसभा चुनाव (2024) में पर्यावरण को महत्व दें।…
गलतियों का हिमालय : जनता को तो अहसास होना ही चाहिए
आजादी की लड़ाई की शुरुआत की बात है। गांधीजी ने ‘असहयोग आंदोलन’ का आह्वान किया था। वैसी देशव्यापी हड़ताल इतिहास में कभी देखी नहीं गई थी ! लगने लगा था कि अंग्रेजों के पांव उखड़ जाएंगे, लेकिन तभी गांधीजी ने अचानक पूरा आंदोलन…
विपक्ष नहीं ! जनता की एकता से डरना चाहिए !
करोड़ों ग़रीबों को मुफ़्त का अनाज बाँटा जा सकता है पर उन्हें भारत रत्नों से विभूषित करके भी राजनीतिक विपक्ष की तरह तोड़ा नहीं जा सकता। न तो नीतीश और न ही जयंत चौधरी ही देश के असली विपक्ष का…
पांच राज्यों के चुनाव परिणाम : नतीजों के निहितार्थ
हाल के पांच राज्यों के चुनाव परिणाम देश की दोनों पार्टियों – भाजपा, कांग्रेस के तौर-तरीकों को भी उजागर करते हैं। ये बताते हैं कि इन पार्टियों ने किन तरीकों से अपनी-अपनी चुनावी समर लडी है। क्या हैं, इन दोनों…
चुनावी चंदे से चांदी काटते कॉर्पोरेट
इन दिनों ‘चुनावी बॉन्डों’ को लेकर सर्वोच्च अदालत और उसके बाहर बहसा-बहसी जारी है। इस योजना पर कईयों में से कुछ आरोप हैं – सत्तारूढ पार्टी को चंदा देकर कॉर्पोरेट, निजी हित साधना, सभी राजनीतिक पार्टियों को समान रूप से…
चुनाव सरकार नहीं, देश को गढ़ने का होना चाहिए
जीत-हार की राजनीति में आकंठ डूबे राजनेता पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनावों में लगे हैं। इसके कुछ महीनों बाद समूचा देश केन्द्र की सत्ता चुनने में लग जाएगा, लेकिन ऐसे में क्या हमारी मौजूदा हालातों पर विचार करना मौजूं…
मणिपुर को दूसरा कश्मीर बनने से रोका जाना चाहिए!
मणिपुर की त्रासदी ने भारत के ही एक अति-संवेदनशील भूभाग को भारत की ही आत्मा से और दूर कर दिया है। वहाँ के नागरिकों को महसूस ही नहीं होने दिया जाता है कि वे भी हमारे ही शरीर के अंग…
न्यायपालिका बनाम सरकार : कौन किसे सुधारे ?
जजों की नियुक्ति संविधान की धारा 217 के तहत होती है जिसमें आरक्षण की बात ही नहीं है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के अपने चर्चित फैसले मे साफ कहा था कि नियुक्तियों के समय समाज के सभी वर्गों के…
Maharashtra : ‘दादा’ का चुनाव चिन्ह, डिटर्जेंट पाउडर और भाजपा की वाशिंग मशीन !
महाराष्ट्र Maharashtra के घटनाक्रम से भारतीय जनता पार्टी को राज्य में अखंड सौभाग्यवती रहने का वरदान प्राप्त हो गया है या जो कुछ चल रहा है वह अरब सागर से मुंबई के तटों पर उठने वाली किसी राजनीतिक सूनामी के…
Maharashtra political crisis : ‘मूल्यविहीन राजनीति’ को चलाने-चमकाने वाले अदाकारों की ‘राजनीति’
प्रधानमंत्री जैसी खास कुर्सी पर बैठा कोई आदमी आज देश के भ्रष्टाचारियों की सूची की सार्वजनिक घोषणा करता है और कल उन सभी भ्रष्टाचारियों को अपनी सरकार में कुर्सी पर बिठा लेता है ? मतलब, वह दिखाना चाहता है कि…









