बिजली ‘सुधार’ : मुनाफे की कीमत पर अंधेरा
वीजू कृष्णन रोटी, कपडा और मकान की तरह बिजली भी जीवन की बुनियादी जरूरत बन गई है। जाहिर है, इन चारों अपरिहार्य उपादानों ने सेठों को अकूत पूंजी कूटने के भरपूर अवसर दिए हैं। बिजली क्षेत्र में सरकारें, तरह-तरह के…
गंगा सहित सभी नदियों की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी संघर्ष का ऐलान
आंदोलन को धार देने के लिए अगला राष्ट्रीय सम्मेलन कहलगांव में चार दशक बाद फिर से नई चुनौतियों से लड़ने के लिए गंगा मुक्ति आंदोलन फिर से मैदान में आ चुका है। बिहार के मुजफ्फरपुर के चंद्रशेखर भवन में गंगा…
जीवन से जुड़ी आजीविका
जीवन की तरफ पीठ देकर खड़ी की जा रही समृद्धि ने क्या हमें उस बुनियादी सुख से भी वंचित कर दिया है, जो इस तमाम खटराग का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए? और यदि यह सही है तो फिर क्या हमें…
Bihar : नादानी के बांध, बैराज और तटबंध
डेढ़-दो सौ साल पहले से कहा जाने लगा है कि नेपाल से उतरने वाली नदियां बिहार में कहर ढाती हैं (हालांकि 1870 के पहले बिहार में बाढ़ को कोई नहीं जानता था) और उनसे निपटने के लिए बड़े बांध, बैराज…
सर्वोच्च न्यायालय के किसी भी आदेश का उल्लंघन न करने के आश्वासन पर 36 घंटों के बाद नर्मदा जल सत्याग्रह का समापन
मेधा पाटकर ने कहा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में हजारों डूब प्रभावितों का पुनर्वास शेष बडवानी, 15 सितंबर। नर्मदा बांध डूब प्रभावितों का नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर के अगुवाई में पिछले तीन दिनों से चल रहा नर्मदा…
छिंदवाड़ा : ‘पेरिस समझौते’ से प्रभावित परासिया
जलवायु परिवर्तन के लिए 196 देशों के बीच हुआ ‘पेरिस समझौता’ ठेठ छिंदवाडा जिले के सुदूर परासिया इलाके में क्या और कितना असर डाल सकता है? वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (डब्लूसीएल) भारत के कोयला मंत्रालय के अन्तर्गत ‘कोल इंडिया लिमिटेड’ का प्रमुख हिस्सा…
वायनाड त्रासदी : पानी की भी याददाश्त होती है !
मारिया टेरेसा राजू पिछले महीने केरल के वायनाड जिले में हुई भीषण त्रासदी के लिए वैज्ञानिकों ने विकास के मौजूदा मॉडल को जिम्मेदार ठहराया है। ‘पश्चिमी घाट’ को लेकर गहन अध्ययन करने वाले प्रोफेसर माधव गाडगिल ने भी कहा है…
सबका सरोकार है जलवायु परिवर्तन
यह सोचना बेहद डरावना है कि आज का पर्यावरण विनाश, जलवायु परिवर्तन हमारी अगली पीढ़ी को बर्बाद कर सकता है। ऐसे में क्या हमें अपने युवाओं, बच्चों को भी इसकी समझ बनाने और उसे समय रहते सही करने की जरूरत…
उत्तराखंड : आपदा की अनदेखी के नतीजे
दिल्ली में नकली केदारनाथ धाम खड़ा करने के मंसूबे बांधने वाले हमारे समाज को ग्यारह साल पहले उत्तराखंड के असली केदारनाथ धाम में हुई भीषण त्रासदी कितनी याद है? क्या तीर्थाटन को मौज-मस्ती के पर्यटन में तब्दील करते लाखों-लाख कथित…









