Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

समसामयिक

श्रीलंका का आर्थिक संकट : उधारी में घी पीने का नतीजा

अपने हाथ से खुद की बदहाली करने का एक और उदाहरण हमारा पडौसी देश श्रीलंका है। वैसे तो पूंजी केन्द्रित मौजूदा आर्थिक ताने-बाने में कई देश, खासकर ‘तीसरी दुनिया’ कहे जाने वाले देश, लगातार बदहाली की गर्त में डूबते जा…

जलवायु परिवर्तन : खेती पर मंडराता खतरा

मौजूदा विकास के साथ जो संकट सर्वाधिक महसूस किया जा रहा है, वह है-जलवायु परिवर्तन का। जिस तौर-तरीके से हम अपना विकास करने में लगे हैं उससे धीरे-धीरे पहले प्रकृति, फिर वनस्पतियां और फिर खेती समाप्त होती जाएंगी। आम लोगों…

बागी आत्मसमर्पण : एक प्रश्न, तीन उत्तर

दस्यु आत्म-समर्पण में विनोबा भावे के बाद जयप्रकाश नारायण की प्रेरणा और अगुआई सर्वाधिक महत्वपूर्ण रही है। उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश में फैली डाकुओं की समस्या के निदान को लेकर जेपी क्या सोचते थे? उनके मुताबिक आतंक और हिंसा की…

डाकू आत्‍म समर्पण के 50 बरस : चंबल में अहिंसा के प्रयोग

चंबल घाटी की दस्यु समस्या के समाधान के लिए जो काम सरकारें सदियों से नहीं कर पाई वह कार्य सर्वोदय कार्यकर्ता करने में सफल रहे। मैत्री से ही मिटे बैर को बाबा विनोबा तथा लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में…

डाकू आत्‍म समर्पण के 50 बरस : चंबल में अहिंसा के प्रयोग

चंबल घाटी की दस्यु समस्या के समाधान के लिए जो काम सरकारें सदियों से नहीं कर पाई वह कार्य सर्वोदय कार्यकर्ता करने में सफल रहे। मैत्री से ही मिटे बैर को बाबा विनोबा तथा लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में…

राजनीतिक परिदृश्य में डाक्टर भीमराव अंबेडकर

भारत के राजनीतिक पटल पर डॉ. अंबेडकर का आगमन जाति प्रथा के खिलाफ संघर्ष से आरंभ हुआ और गोलमेज कांफ्रेंस से लेकर ‘पूना पेक्ट,’ महात्मा गांधी से विरोध और संविधान निर्माण तक व्यापक रहा। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अहिंसक आंदोलनों…

जुबान इंद्रा नूई की, विचार गांधी के

पूंजी के शिखर पर विराजी, शीतल-पेय बनाने वाली कंपनी ‘पेप्सीको’ की सीईओ इंद्रा नूई ने हाल में अपने एक साक्षात्कार में लगभग उन्हीं चिंताओं को साझा किया है जिनके बारे में महात्मा गांधी लगातार चेतावनी देते रहते थे। फर्क सिर्फ…

पाकिस्तान में एक और शरीफ…

डॉ. सुधीर सक्सेना भारतीय उपमहाद्वीप के सभी देशों में सियासत में खानदानों के वर्चस्व की परंपरा रही है। पाकिस्तान में पीएम के कूचे से इमरान खान नियाजी की बेआबरू-विदाई के उपरांत शाहबाज शरीफ के पीएम हाउस की देहरी तक पहुंचने…

कर्ज़ के जाल में फंसे श्रीलंका : हमारा पैसा हमारा हिसाब

कर्ज़ के जाल में फंसे श्री लंका से हम क्या सीख सकते हैं? कोविड महामारी और यूक्रेन युद्ध के बाद, कई देशों की कर्ज़ की स्तिथि काफी खराब है। क्या मौजूदा आर्थिक ढांचे को बदलने का समय आ गया है?…

खगोलीय घटना : अंतरिक्ष कचरे से बढ़ता खतरा

पृथ्वी पर चौबीस घंटे उल्का पिंड गिरते रहते हैं लेकिन उनका आकार बड़ा नहीं होता। पिछले सप्‍ताह मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ में हुए मेटोर शॉवर समूह में था, जो आकाश में दिखाई दिया। उल्कापिंड पुच्छल तारे के रूप में होते है।…