सामंती समाज की लाख बुराइयों के बावजूद कतिपय राजे-महाराजे पढ़ने-लिखने के भारी शौकीन हुआ करते थे। कई रजवाडों की लाइब्रेरियां असंख्य बेशकीमती,अनूठी किताबों से भरी रहती थीं। आज की जोधपुर की ‘सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी’ इन्हीं में से एक है। अशोक…
हाल के कुछ दशकों में संवाद और संप्रेषण पर पूरी तरह छा चुका डिजिटल मीडिया हमारे आमफहम जीवन में कैसे दखल करता है? तेजी से बदलते, नित-नया होते इस अत्याधुनिक कारनामे ने हमें किस तरह लाभ पहुंचाया है? तेजी से बढ़ती…
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 11,968 फीट की ऊंचाई पर बसा केदारनाथ मंदिर शीतकाल में 6 महीने बंद रहने के बाद अब 2 मई को फिर से खुलने वाला है। चारधाम यात्रा के इस हिस्से में लाखों श्रद्धालु आते हैं,…
हाल के दिनों में देशभर में साम्प्रदायिकता का जहर तेजी से फैला है और नतीजे में समाज का तीखा विभाजन हो रहा है। ऐसे में महात्मा गांधी ही याद आते हैं। वे होते तो ऐसे हालातों में आखिर क्या करते?…
कचरा संकट अब सिर्फ धरती तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरिक्ष तक फैल चुका है। जल, थल, नभ हर जगह मानव निर्मित अपशिष्ट का अंबार लगा है, जिससे पर्यावरण और जैव विविधता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी को देखते…
28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 1600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और हजारों घायल हुए। इसके बाद 7.0 तीव्रता के एक और झटके ने हालात और…
संवाद के लिए बनी भाषा आजकल फिरकापरस्ती की दुनाली बनती जा रही है। सत्ता पर विराजी भाजपा अपनी एक-आयामी नजर से खुद को छोड़कर बाकी सबको खारिज करने में लगी है। उर्दू को एक धर्म-विशेष की भाषा करार देना इसी…
ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल के साहित्य में सामाजिक-राजनीतिक संघर्षों की अनुपस्थिति को लेकर बहस छिड़ी है। यह बहस साहित्यकार की सामाजिक जिम्मेदारी और उसकी व्यक्तिगत रचनात्मक स्वतंत्रता के बीच संतुलन का सवाल उठाती है। सवाल है क्या हर…
रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और संवेदना का जीवंत प्रतिबिंब है। विश्व रंगमंच दिवस (27 मार्च), जिसे 1961 में इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट ने स्थापित किया, रंगमंच की गरिमा, प्रभाव और उसकी वैश्विक भूमिका को रेखांकित करने…
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार 543 लोकसभा सदस्यों में से 251 (46 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनमें से 27 को दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा में चुने जाने वाले आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे उम्मीदवारों की…