समसामयिक

आतंकवाद के खिलाफ साझा स्वर : जब देश एकजुट होता है, तो राजनीति क्यों बांटती है?

पहलगाम में 26 निर्दोषों की हत्या से उपजा शोक पूरे भारत को हिला गया, लेकिन इस गहरे दुःख में भी एक नई चेतना दिखाई दी—धर्म, भाषा और क्षेत्र की सीमाओं को पार कर आम हिंदू और मुसलमान आतंकवाद के खिलाफ…

Pahalgam Terror Attack : पाकिस्तान से पानी का रिश्ता हुआ समाप्त

कश्मीर में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक आक्रमण करते हुए सिंधु जल संधि स्थगित कर दी है। इससे पाक को जल संकट और आर्थिक चोट झेलनी होगी। वीज़ा रद्दीकरण से सीमा तक बंदी…

किसानों की हुंकार से हिली सत्ता : भूमि अधिग्रहण नीति में बड़ा बदलाव 

आउटर रिंग रोड के भूमि अधिग्रहण के विरोध में 15 माह चले आंदोलन के बाद किसानों को बड़ी जीत मिली। बढ़ी हुई गाइडलाइन के आधार पर अब उन्हें दो गुना मुआवज़ा मिलेगा। यह संघर्ष सिर्फ मुआवज़े की राशि नहीं, बल्कि…

पुलवामा के सवाल अनुत्तरित हैं ! बैसरन के जवाब मिलेंगे क्या ?

बैसरन घाटी में पर्यटकों पर हुआ आतंकी हमला देश को झकझोर गया है। सरकार ग़ुस्से में है और कड़ी कार्रवाई के संकेत दे रही है। हमले में 26 लोगों की जान गई। जवाबी कार्रवाई की बातों के बीच सवाल यह…

National Panchayati Raj Day : सशक्त पंचायतों से ही बनेगा विकसित राष्ट्र

भारत गांवों का देश है, जहां पंचायती राज प्रणाली लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करती है। यह प्रणाली स्थानीय स्वशासन, महिलाओं की भागीदारी और समावेशी विकास का माध्यम है। परंतु आज भी ग्राम पंचायतें अधिकारों के प्रयोग और महिला प्रतिनिधियों की…

क्या होगी ट्रम्प के टोटकों की परिणति?

सिर्फ तीन महीना पहले दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बने डोनॉल्ड ट्रम्प ने जो कारनामे कर दिए हैं उनसे समूची दुनिया हलाकान है। ‘अमरीका को फिर से महान’ (‘मेक अमरीका ग्रेट अगेन’ यानि ‘मागा’) बनाने की खब्त में उन्होंने आर्थिक ताने-बाने…

भारत का भू-सांस्कृतिक मानचित्र : संस्कृति और प्रकृति की समरसता का दस्तावेज

भारत की विविध भूमि, जलवायु और सांस्कृतिक पहचान को एक साथ दर्शाने वाला “भारत का भू-सांस्कृतिक मानचित्र” तरुण भारत संघ की एक अभिनव पहल है। यह मानचित्र देश की आत्मा से जुड़ी प्रकृति और संस्कृति के रिश्ते को उजागर करता…

इतिहास की खोई हुई समझ और समाज का भ्रमित रुख

करीब सवा तीन सौ साल पहले रुखसत हुए औरंगजेब की कब्र उखाड़ने से लगाकर बरसों पुराने गैर-हिन्दू उपासना-गृहों को खोदकर उन्हें हिन्दू साबित करने की मौजूदा हुलफुलाहट ने, एक समाज की हैसियत से हमें बेहद अज्ञानी और इतिहास-विमुख साबित कर…

Baisakhi 2025 : भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का पर्व है बैसाखी

कृषि प्रधान भारत में बैसाखी न केवल फसल कटाई का उल्लास है, बल्कि सिख नववर्ष, सामाजिक चेतना और ऐतिहासिक संघर्षों की गूंज भी है। पंजाब की धरती पर गूंजते ढोल-नगाड़ों और गिद्दा-भांगड़ा की थाप के साथ यह पर्व जहां समृद्धि…

बाबा साहेब को आज समझने की जरूरत है

डॉ. भीमराव अम्बेडकर केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो समानता, न्याय और मानव गरिमा की अलख जगाते हैं। 14 अप्रैल 1891 को जन्मे अम्बेडकर ने जीवनभर जातिगत भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष किया और संविधान निर्माता बनकर भारत…