Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Month: September 2025

स्‍वास्‍थ्‍य : कर्नाटक के विजयापुरा में स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ जनआंदोलन

विजयापुरा, 23 सितंबर। कर्नाटक सरकार ने जिला अस्पतालों को 99 साल की लीज़ पर निजी कंपनियों को सौंपने और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई है। इसे स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण की रणनीति माना जा…

मीडिया : ‘फेक न्यूज़,’ फर्जी पत्रकार और लोकतंत्र का संकट

आज के दौर का मीडिया, खासकर ‘सोशल मीडिया’ अपने द्वारा परोसी गई सूचनाओं से नागरिकों को जागरूक बनाए रखने की बुनियादी जिम्मेदारी से कहीं आगे बढ़ चुका है। उसकी इस ‘प्रगति’ ने जहां एक ओर नागरिकों को अपने आसपास की…

अकेलापन और अवसाद : नई सदी की सबसे बड़ी चुनौती

अकेलापन अब सिर्फ़ भावनात्मक अनुभव नहीं रहा, बल्कि यह धूम्रपान और मोटापे जितना घातक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। यह युवाओं में आत्महत्या के जोखिम को कई गुना बढ़ाता है और बुजुर्गों में हृदय रोग व डिमेंशिया का बड़ा कारण…

शिक्षा : नवाचार ही ‘नीलबाग स्कूल’ की पहचान

शिक्षा के क्षेत्र में कई नायाब प्रयोग हुए हैं और उनमें से कईयों ने हमें शिक्षण की पद्धतियों का दर्शन भी कराया है। कर्नाटक का ‘नीलबाग स्कूल’ इन्हीं में से एक है। यह सत्तर- अस्सी के दशक में चलने वाला…

न्याय, धर्म निरपेक्षता और हमारा समाज

ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके और रिटायरमेंट के बाद बतौर वकील सक्रिय न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर ने 7 सितंबर को दिल्ली के ‘इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर’ में एक महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। यहां इसके संपादित अंश दिए गए हैं।) अमन…

जीवन शैली : मोटापे की मार

तीसरी दुनिया के देशों में भूख और कुपोषण सर्वाधिक चर्चा में रहते हैं, लेकिन कथित आधुनिक जीवन-शैली के चलते जरूरत से ज्यादा भोजन भी आजकल संकट पैदा करने लगा है। क्या होते हैं, इसके नतीजे? डॉ. नमिता शर्मा मोटापा, स्थूलता, ओबेसिटी यानि…

सार्वजनिक संस्थानों में नौकरियों की आउटसोर्सिंग शोषण का जरिया नहीं बन सकती : सुप्रीम कोर्ट

राज कुमार सिन्हा  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले संविदाकर्मियों का मुद्दा गर्मा गया है। कुछ दिन पहले पटना में  संविदा कर्मचारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अपनी नौकरी पक्की करने और बकाया वेतन की मांग को लेकर, लगभग…

विकास की विचारधारा : ‘संघ परिवार’ का संकट

पिछले एक दशक से अधिक वर्षों से देश और कतिपय राज्यों की सत्ता पर काबिज ‘भारतीय जनता पार्टी’ और ‘संघ परिवार’ के अन्य सहमना संगठनों के पास आर्थिक विकास को लेकर क्या सोच है? और क्या उनकी सोच देश को…

असहिष्णुता है, ‘टैरिफ युद्ध’ की वजह

खेल की तरह व्यापार भी स्वस्थ्यय प्रतिस्पर्धा की बुनियाद पर चलता है, लेकिन यदि यह प्रतिस्पर्धा दुश्मनी में बदल जाए तो क्या हो? छह महीने पहले सर्वशक्तिमान अमरीका के राष्ट्रपति बने डोनॉल्ड ट्रंप ने जिस तरह से दुनियाभर में ‘टैरिफ…

चिंतन : विचार शून्यता और लोकतंत्र

मौजूदा समय में विचार-शून्यता एक बड़े संकट की तरह स्थापित होती जा रही है। यहां तक कि हमारा लोकतंत्र देशी है या विदेशी जैसे आसन्न सवालों को भी अपेक्षित गंभीरता से हल नहीं किया जा रहा। क्या यह अपने समय…