खेल और खिलाड़ी से पूंजी के खिलवाड़
हमारे समय में खेल तक पैसा कमाने का एक ऐसा जरिया बन गए हैं जिसमें चांदी काटने के लिए तरह-तरह के हथकंडे किए जाते हैं। हाल का टोकियो ओलिंपिक भी इससे अछूता नहीं रहा है। खिलाड़यों के रिकार्ड और मेडल…
नजरिया : क्या भूलूं, क्या याद करूं?
हम क्या भूलें ? उस दरिंदगी को भूलें जिसे विभीषिका कहा जा रहा है। वह विभीषिका नहीं थी, क्योंकि वह आसमानी नहीं, इंसानी थी। उसे इतिहास के किसी अंधेरे कोने में दफ्न हो जाने देना चाहिए क्योंकि वह हमें गिराता…
विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे पर लंबा, प्रभावशाली और अहिंसक कोई दूसरा आंदोलन नहीं
नर्मदा बचाओ आंदोलन : संघर्ष और रचना के 36 वर्ष नर्मदा बचाओ आंदोलन ने देश और दुनिया में वैकल्पिक विकास के मॉडल की ओर ध्यान आकृष्ट करने में सफलता पाई है । दुनिया के इतिहास में जमीनी स्तर पर विस्थापन…
विभाजन विभीषिका स्मृति : अतीत की स्मृतियों की ओर धकेलने का मकसद
आज़ादी के वक्त हुए विभाजन की विभीषिका का ईमानदार नीयत से किया जाने वाला कोई भी स्मरण उन आंतरिक विभाजनों को नियंत्रित करेगा जो नागरिकों को अलग-अलग समूहों में बाँटकर उन्हें अपनी स्वतंत्रता के प्रति आशंकित कर सकते हैं। इतना…
देशवासियों के नमन पर नाम बदलने का ‘खेला’ !
शासकों को हक़ हासिल रहता है कि वे अपनी जनता के नाम, पते, और कामों को देश की ज़रूरत के मुताबिक़ बदल सकें। इतिहास में ऐसे उदाहरण भी तलाशे जा सकते हैं। इस समय तो देश में सब कुछ ही…
अधूरे सपनों की आजादी
74वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर विशेष देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्वाधीनता आंदोलन के नेताओं के सपनों और आकांक्षाओं का अत्यंत सारगर्भित वर्णन अपने प्रसिद्ध भाषण (ए ट्रिस्ट विथ डेस्टिनी) में किया था। उन्होंने कहा था ‘जिस…
उत्तरप्रदेश जनसंख्या बिल : विसंगतियों का पुलिंदा है
दुनियाभर में मान लिया गया है कि आबादी पर नियंत्रण के लिए बुनियादी जरूरतों को पूरा करते हुए बेहतर ढंग से जीने और रोजगार प्राप्त करने की खासी अहमियत है। लेकिन इसके बावजूद सरकारें जनसंख्या नियंत्रण की नीतियां और कानून…
जनसंख्या की जद्दो-जहद
जनसंख्या की जिस वृद्धि को अब तक दुनियाभर में एक संकट की तरह माना जाता था वह आजकल सत्ता और संख्या या आंकडों की राजनीति चमकाने के काम आने लगी है। भारत में चुनाव जीतने से लगाकर विकास के क्षेत्रीय…
लाल क़िले की प्राचीर से इस बार क्या कहने वाले हैं प्रधानमंत्रीजी !
प्रधानमंत्री ने अपनी हाल की बनारस यात्रा के दौरान कोरोना महामारी के देश भर में श्रेष्ठ प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को सार्वजनिक रूप से बधाई दी थी। उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजे प्रधानमंत्री के वर्ष 2022 के स्वतंत्रता…
क्यूबा : मजबूरी में भी कारगर, महात्मा गांधी
सर्वशक्तिमान अमरीका की एन नाक के नीचे बैठकर उसकी खामियों पर उंगली रखने वाले तीसरी दुनिया के देश क्यूबा को आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों के रूप में उसका खामियाजा भुगतना पडा है, लेकिन क्यूबा ने इस आपदा को अवसर में…









