देशभर के संगठनों ने भेजा पत्र, राष्ट्रीय एकता दिवस पर उठी आवाज़ नई दिल्ली, 13 अगस्त। भूमि अधिकार आंदोलन के आह्वान पर देशभर के किसान संगठनों, जन आंदोलनों और मानवाधिकार समूहों ने आज राष्ट्रपति को पत्र भेजकर प्राकृतिक संसाधनों की…
छत्तीसगढ़ विधानसभा संकल्प को दरकिनार कर अडानी के पक्ष में वन स्वीकृति का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए रायपुर, 5 अगस्त। हसदेव अरण्य क्षेत्र में स्थित केंते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक Kente Extension Coal Block में कोयला खनन हेतु वन भूमि…
यह जानने के लिए कोई भारी–भरकम शोध की जरूरत नहीं है कि देशभर की तमाम छोटी-बडी नदियां बदहाल हैं और उनमें से अधिकांश अपने आखिरी दिन गिन रही हैं। सचराचर जगत की जीवनदायिनी नदियां आखिर क्यों इतनी बेहाल हैं? क्या…
28 जुलाई को मनाया जाने वाला ‘विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस’ हमें इस सच्चाई से रूबरू कराता है कि लगातार मानवीय गतिविधियों और प्रकृति से छेड़छाड़ के चलते मौसम चक्र असंतुलित हो चला है। ग्लोबल वार्मिंग, बाढ़, सूखा, वनों की आग…
हमारी नीतियां, खासकर वन संबंधी नीतियां, इस अवधारणा पर टिकी होती हैं कि उपभोग के बाद हम अपने प्राकृतिक संसाधनों को वापस पुनर्जीवित कर लेंगे। वनों की क्षतिपूर्ति की खातिर बना ‘कैम्पा’ इसी विचार की बानगी है, लेकिन क्या इस…
जन स्वाभिमान यात्रा का मंडला में समापन, विस्थापन व निजीकरण के खिलाफ उठीं आवाजें मंडला, 1 जुलाई। बालाघाट से 9 जून को प्रारंभ हुई 21 दिवसीय जन स्वाभिमान यात्रा का समापन सोमवार को मंडला जिले के संगम घाट, महाराजपुर में…
17 जून : विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण आज वैश्विक संकट बन चुके हैं, जो दुनिया की एक-तिहाई भूमि और अरबों लोगों की आजीविका को प्रभावित कर रहे हैं। भारत में स्थिति और भी गंभीर है,…
भोपाल, 13 जून। हसदेव अरण्य बचाओ आंदोलन ने देशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर युवाओं और नागरिक समाज में नई चेतना और सक्रियता पैदा की है। अब केरल से लेकर जम्मू तक युवा पर्यावरण के सवालों पर एकजुट होकर आवाज़…
24 कार्यकर्ताओं और आदिवासियों के प्रवेश पर दो माह की रोक पर नागरिकों ने जताई गहरी चिंता मुंबई, 13 जून। ओडिशा के रायगडा जिले में शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ…
सब जानते हैं कि आधुनिक विकास की बुनियाद प्रकृति-पर्यावरण, खासकर नदियों को क्रूरता से नष्ट करने पर टिकी है। यह भी सभी जानते-भुगतते हैं कि प्रकृति-पर्यावरण और नदियों की बर्बादी इंसानों को समाप्त कर सकती है, लेकिन इसे कोई बदलना…