वन अधिकार कानून और वन संरक्षण अधिनियम आदिवासी हितों का पूरक
वनवासियों के आवास अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम और वन संरक्षण अधिनियम के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसा ढांचा तैयार किया जाए जिससे वनवासी समुदाय को आवास का…
बिजली के लिए बेशर्मी : एक रुपये एकड़ में अडानी को जमीन
विकास के नाम पर की जा रही बेशर्मी की एक बानगी बिहार के भागलपुर के पीरपैंती में देखी जा सकती है जहां अडानी कंपनी को ‘अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल थर्मल-पावर परियोजना’ खड़ी करने के लिए केवल एक रुपया प्रति एकड़ किराए की…
हिमाचल : खतरे में जीवन
हिमालय में जारी विनाश की वजह क्या सिर्फ भगवानजी की बरसाई जा रही आपदा या ‘जलवायु – परिवर्तन’ भर है? क्या इसमें हम इंसानों की भी कोई भागीदारी है? जैसे ऊर्जा, बाढ़-नियंत्रण और सिंचाई के कथित लाभों के लिए इफरात…
रेत खनन और पर्यावरणीय मंजूरी पर सर्वोच्च फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना नदी पुनर्भरण अध्ययन के जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। पर्यावरणीय स्वीकृति तभी दी जा सकती है, जब जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में नदी की वार्षिक प्राकृतिक पुनर्भरण क्षमता का आकलन शामिल हो। सुप्रीम कोर्ट…
कार्पोरेट लूट और भूमि कब्ज़ा के खिलाफ किसानों की राष्ट्रपति से गुहार
देशभर के संगठनों ने भेजा पत्र, राष्ट्रीय एकता दिवस पर उठी आवाज़ नई दिल्ली, 13 अगस्त। भूमि अधिकार आंदोलन के आह्वान पर देशभर के किसान संगठनों, जन आंदोलनों और मानवाधिकार समूहों ने आज राष्ट्रपति को पत्र भेजकर प्राकृतिक संसाधनों की…
5 लाख पेड़ों को काटने का रास्ता साफ़ : हसदेव अरण्य में केंते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक को वन विभाग की हरी झंडी
छत्तीसगढ़ विधानसभा संकल्प को दरकिनार कर अडानी के पक्ष में वन स्वीकृति का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए रायपुर, 5 अगस्त। हसदेव अरण्य क्षेत्र में स्थित केंते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक Kente Extension Coal Block में कोयला खनन हेतु वन भूमि…
जीवनदायनी नदियां : नदियों को नालों में बदलता समाज
यह जानने के लिए कोई भारी–भरकम शोध की जरूरत नहीं है कि देशभर की तमाम छोटी-बडी नदियां बदहाल हैं और उनमें से अधिकांश अपने आखिरी दिन गिन रही हैं। सचराचर जगत की जीवनदायिनी नदियां आखिर क्यों इतनी बेहाल हैं? क्या…
स्वस्थ और सुखी रहना है तो प्रकृति के साथ जीना होगा
28 जुलाई को मनाया जाने वाला ‘विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस’ हमें इस सच्चाई से रूबरू कराता है कि लगातार मानवीय गतिविधियों और प्रकृति से छेड़छाड़ के चलते मौसम चक्र असंतुलित हो चला है। ग्लोबल वार्मिंग, बाढ़, सूखा, वनों की आग…
पर्यावरण : ‘कैम्पा’ से रोकी जा सकती है, वनों की कटाई
हमारी नीतियां, खासकर वन संबंधी नीतियां, इस अवधारणा पर टिकी होती हैं कि उपभोग के बाद हम अपने प्राकृतिक संसाधनों को वापस पुनर्जीवित कर लेंगे। वनों की क्षतिपूर्ति की खातिर बना ‘कैम्पा’ इसी विचार की बानगी है, लेकिन क्या इस…
प्राकृतिक संसाधनों पर समुदायों का अधिकार अभियान जारी रहेगा
जन स्वाभिमान यात्रा का मंडला में समापन, विस्थापन व निजीकरण के खिलाफ उठीं आवाजें मंडला, 1 जुलाई। बालाघाट से 9 जून को प्रारंभ हुई 21 दिवसीय जन स्वाभिमान यात्रा का समापन सोमवार को मंडला जिले के संगम घाट, महाराजपुर में…









