कानून की कमी से बच रहे, ‘प्राणवायु’ के जमाखोर
बुनियादी बातों की अनदेखी का एक और कारनामा हाल में कोविड-19 की चपेट में आए मरीजों और उनके तीमारदारों ने भोगा है। ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन और अन्य बेहद जरूरी दवाओं की कालाबाजारी के चलते ये चीजें जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच…
इजराइल – फिलिस्तीन : तेल की खातिर तनाव
इस महीने की शुरुआत में इजराइल और फिलिस्तीन के उग्रवादी समूह ‘हमास’ के बीच एक बार फिर भडके ग्यारह दिन के युद्ध में हालांकि फिलहाल ‘युद्ध-विराम’ हो गया है, लेकिन क्या यह ‘युद्ध-विराम’ कभी स्थायी हो सकेगा? क्या पश्चिम के…
जलवायु परिवर्तन से जुड़े हैं तूफ़ान यास, तौकते और अम्फान के तार
देश के नौ राज्यों में तूफ़ान तौकते के कहर का सामना करने के सिर्फ़ एक हफ्ते बाद, देश अब बंगाल की खाड़ी में अपने दूसरे चक्रवाती तूफान ‘यास’ के लिए कमर कस रहा है। तौकते की यात्रा की तरह, उष्णकटिबंधीय…
Tiger : अपने ही बसेरों में बेहाल बाघ
वन्य प्राणी आधुनिक, ‘वैज्ञानिक वानिकी’ में पारंगत हमारे वन विभागों के मंहगे अमले के बावजूद वन और उसमें बसे वन्यप्राणी बच नहीं पा रहे हैं। इस मौजूदा तौर-तरीके में पीढियों से वनों और वन्यप्राणियों के साथ सहजीवन जीते आदिवासियों को…
23 May World Turtle Day: अस्तित्व के संकट से जूझते कछुये
हर साल 23 मई को विश्व कछुआ दिवस (World Turtle Day) के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य कछुओं और दुनिया भर में उनके तेजी से गायब होते आवासों की रक्षा करना है। यह दिवस 2000 में American Tortoise…
प्रकृति के चितेरे सुंदरलाल बहुगुणाजी के मौन होने पर प्रबुद्धजनों की शब्दाजंलियां
प्रकृति के चितेरे, सौम्यता, सादगी की मूर्ति सुन्दरलाल बहुगुणा के अवसान पर देशभर से अनेक संस्थाओं, व्यक्तियों, संगठनों की ओर से स्मृति स्वरूप भावांजलि संदेश प्राप्त हो रहे हैं। श्री बहुगुणा का देश – दुनिया में फैला विशाल संसार उनकी…
22 मई : जैव विविधता संरक्षण
विश्व जैव विविधता दिवस या विश्व जैव विविधता संरक्षण दिवस 22 मई को मनाया जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रारंभ किया था। सन् 2010 को जैव विविधता का अंतरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया गया था। “जैव विविधता एक प्राकृतिक…
सुन्दरलाल बहुगुणा : प्रेरक ऊर्जा देने वाले पुंज
सुन्दरलाल बहुगुणा जी उच्च संत है। कलयुग में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षक है। प्राकृतिक मित्र तो अपना आयु का काल पूरा ही करते है। उन्हें कोविड़ ने आज हमारे से अलग कर दिया है। यह बेहद दुखद है। सुन्दरलाल बहुगुणा…
नागरिकों को अब किस तरह की लहर से लड़ाई के लिए तैयारी करना चाहिए ?
जिन लहरों से हम अब मुख़ातिब होने वाले हैं उनका ‘पीक’ कभी भी शायद इसलिए नहीं आएगा कि वह नागरिक को नागरिक के ख़िलाफ़ खड़ा करने वाली साबित हो सकती है। जो नागरिक अभी व्यवस्था के ख़िलाफ़ खड़ा है वही…
अंतर्राष्ट्रीय / लंगड़ी दुनिया की अंधी दौड़
म्यांमार और इस्रायल में इन दिनों जो हो रहा है, उसे किसी दूसरी तरह से समझना संभव ही नहीं है। इसे म्यांमार के तानाशाहों व म्यांमार की जनता का अंदरूनी मामला मान लिया गया है। वहीं फलस्तीन को यह समझना…









