क्या नए पारिस्थितिक संतुलन की कल्पना नए सामाजिक बदलाव के साथ संभव है ?
हमारे जीवनकाल में ही हमारे सामने आये नैरेटिव नष्ट हो जाते हैं। आज हमारे बीच हज़ारों सालों पुराने, सैकड़ों सालों पुराने, दसियों सालों पुराने और कुछ सालों पुराने सारे युद्ध एक साथ छिड़ गए हैं। धर्म, जाति, नस्ल, रंग, लिंग,…
अंतर्राष्ट्रीय : अफगानिस्तान से भागना कोई हल नहीं है !
अभी पिछले हफ्ते अफगानिस्तान में लडकियों के एक स्कूल के पास हुआ बम विस्फोट, जिसमें करीब पचास लोगों की जानें गई थीं, उन अनेक गंभीर वारदातों में से एक है जो अमरीकी सैनिकों की वापसी की घोषणा के बाद लगातार…
कोरोना : हम इतने लापरवाह कैसे हो सकते हैं?
कोरोना वायरस की भीषण त्रासदी ने केन्द्र और राज्य सरकारों की लापरवाहियों की पोल खोलकर रख दी है। उन्होंने समय रहते थोडी समझदारी से काम लिया होता तो आज हम इस बदहाली में नहीं फंसे होते। वे केवल ‘केन्द्रीय स्वास्थ्य…
106 राष्ट्रीय जलमार्गों में से केवल 23 ही माल परिवहन की दृष्टि से व्यावहारिक
मंथन अध्ययन केंद्र ने की अंतर्देशीय जलमार्ग कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति पर केंद्रित रिपोर्ट जारी सप्रेस डेस्क। सप्रेसमीडिया.इन भारत में लगभग 14,500 किलोमीटर नौगम्य अंतर्देशीय जलमार्ग और करीब 7,517 किलोमीटर समुद्र तट है जल परिवहन को सुगम बनाने के उद्देश्य…
कोरोना : तीसरी लहर से पहले
कोरोना की महामारी के पिछले एक-डेढ साल ने हमें अपनी बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, लापरवाही और बदइंतजामी के साथ-साथ लोकतंत्र के मौजूदा स्वरूप से भी दो-चार कर दिया है। क्या हम लोकतंत्र के इसी रूप की कल्पना करते थे जिसमें सत्ता…
कोरोना हमारे भीतर कायरता नहीं, सक्रियता का बोध जगाए
राजनीतिक दांव-पेंच से दूर सारे मोर्चों पर एक साथ काम शुरू हो, सामाजिक व्यवस्थाएं अस्पतालों पर आ पड़ा असहनीय बोझ कम करें, युद्ध-स्तर पर वैक्सीन लगाई जाए तो कोरोना की विकरालता कम होने लगेगी। जानकार कह रहे हैं कि तीसरी…
स्वास्थ्य ‘आपातकाल’ के बीच न्यायपालिका का अवकाश कितना न्यायोचित ?
चिंता का मुद्दा यहाँ यह है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में उपजी मौजूदा आपातकालीन परिस्थितियों में जब देश का प्रत्येक नागरिक साँसों की लड़ाई लड़ रहा है, तब क्या न्यायपालिका को एक दिन के लिए भी अवकाश पर…
समाज : नाबालिगों के बढ़ते अपराध
बडों की तरह जघन्य अपराध करते बच्चों की समस्या हमारे यहां नई नहीं है। कानून और अपराध-शास्त्र के आधार पर उससे निपटने की तजबीज भी बताई जाती रही है, लेकिन क्या ऐसा करने से कोई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं?…
कोराना महामारी के बावजूद अब भी जारी है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निर्माण
सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, विपक्ष के ऐतराज, पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने जतायी निराशा देश इस वक्त महामारी से जूझ रहा है, वहीं बीते कुछ दिनों से देश में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के निर्माण की खूब चर्चाएं हो रही हैं। विपक्ष के…
जलवायु परिवर्तन : जीवन के खिलाफ जीवन-पद्धति
तरह-तरह की वैज्ञानिक, पर्यावरणीय और समाजशास्त्रीय शोधें चीख-चीखकर बता रही हैं कि हमारी मौजूदा जीवन पद्धति दरअसल आत्महंता है और इसे बरकरार रखा गया तो बहुत जल्द मानव जाति को अपने अस्तित्व के संकट से दो-चार होना पडेगा। क्या हम…









