विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे पर लंबा, प्रभावशाली और अहिंसक कोई दूसरा आंदोलन नहीं
नर्मदा बचाओ आंदोलन : संघर्ष और रचना के 36 वर्ष नर्मदा बचाओ आंदोलन ने देश और दुनिया में वैकल्पिक विकास के मॉडल की ओर ध्यान आकृष्ट करने में सफलता पाई है । दुनिया के इतिहास में जमीनी स्तर पर विस्थापन…
देशवासियों के नमन पर नाम बदलने का ‘खेला’ !
शासकों को हक़ हासिल रहता है कि वे अपनी जनता के नाम, पते, और कामों को देश की ज़रूरत के मुताबिक़ बदल सकें। इतिहास में ऐसे उदाहरण भी तलाशे जा सकते हैं। इस समय तो देश में सब कुछ ही…
अधूरे सपनों की आजादी
74वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर विशेष देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्वाधीनता आंदोलन के नेताओं के सपनों और आकांक्षाओं का अत्यंत सारगर्भित वर्णन अपने प्रसिद्ध भाषण (ए ट्रिस्ट विथ डेस्टिनी) में किया था। उन्होंने कहा था ‘जिस…
मानवीय क्रियाकलापों से बढ़ी बाढ़ की तीव्रता और विध्वंसता
बाढ़ आना एक सामान्य प्राकृतिक आपदा है किन्तु प्रकृति के विरुद्ध किए जा रहे मानवीय क्रियाकलापों के कारण बाढ़ की तीव्रता, परिमाण और विध्वंसता अत्यधिक बढ़ गई है। यदि हम प्रकृति के साथ ताल मेल बैठाकर चले तो बाढ़ ही…
उत्तरप्रदेश जनसंख्या बिल : विसंगतियों का पुलिंदा है
दुनियाभर में मान लिया गया है कि आबादी पर नियंत्रण के लिए बुनियादी जरूरतों को पूरा करते हुए बेहतर ढंग से जीने और रोजगार प्राप्त करने की खासी अहमियत है। लेकिन इसके बावजूद सरकारें जनसंख्या नियंत्रण की नीतियां और कानून…
भारत-छोड़ो आंदोलन : 9 अगस्त 42 को शुरू हई जनक्रांति ने देश को आज़ादी दिलाई
अगस्त क्रांति दिवस की 79वीं वर्षगांठ 9 अगस्त, 2021 अगस्त क्रांति दिवस की 79वीं वर्षगांठ है। ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष के इतिहास में यह आंदोलन एक प्रमुख मील का पत्थर है। जब महात्मा गांधी ने…
जनसंख्या की जद्दो-जहद
जनसंख्या की जिस वृद्धि को अब तक दुनियाभर में एक संकट की तरह माना जाता था वह आजकल सत्ता और संख्या या आंकडों की राजनीति चमकाने के काम आने लगी है। भारत में चुनाव जीतने से लगाकर विकास के क्षेत्रीय…
लाल क़िले की प्राचीर से इस बार क्या कहने वाले हैं प्रधानमंत्रीजी !
प्रधानमंत्री ने अपनी हाल की बनारस यात्रा के दौरान कोरोना महामारी के देश भर में श्रेष्ठ प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को सार्वजनिक रूप से बधाई दी थी। उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजे प्रधानमंत्री के वर्ष 2022 के स्वतंत्रता…
विलास सोनवाने : समता और स्वतंत्रता के योद्धा
स्मृति शेष : श्रद्धांजलि सामाजिक कार्यकर्त्ता विलास सोनवाने का पुणे में 4 अगस्त 21 को निधन हो गया। विलास सोनवाने लोकतंत्र के लिए समर्पित थे। विगत चार सालों से वे पारकिन्सन से पीड़ित थे। सैकड़ों युवाओं को प्रभावित करने वाला…
बाघ : ‘उनका अस्तित्व हमारे हाथ में है’
जंगलों के विनाश से बाघों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है और यह प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है। इसलिए बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता हेतु ‘विश्व बाघ दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 2010 में रूस के…









